अमेरिका ने भारत में मौजूद आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसे विदेशी आतंकी संगठन की श्रेणी में रखा गया है।
वॉशिंगटन:
अमेरिका ने भारत आधारित गुट इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) पर प्रतिबंध लगाते हुए इसे विदेशी आतंकवादी गुट घोषित कर दिया है। अमेरिका ने कहा कि आईएम के लश्कर-ए-तय्यबा जैसे पाकिस्तान आधारित गुटों के साथ संबंध हैं। विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने आईएम पर प्रतिबंध लगाए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान आधारित लश्कर, जैश-ए-मुहम्मद और हरकत-उली-जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) जैसे विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए दूसरे संगठनों के साथ आईएम के संपर्क हैं। इसमें कहा गया है, आईएम का उद्देश्य गैर मुस्लिमों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना है, ताकि उसका अंतिम उद्देश्य पूरा हो सके, पूरे दक्षिण एशिया में इस्लाम का शासन स्थापित करना। आईएम 2005 के बाद से पूरे भारत में दर्जनों हमलों का जिम्मेदार है, जिसके चलते सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान गई है। विदेश विभाग के आतंकवाद रोधी मामलों के समन्वयक डेनियल बेंजामिन ने कहा, इस घोषणा से पता चलता है कि आईएम ने न केवल अमेरिका के लिए बल्कि उसके करीबी सहयोगी भारत के लिए भी बड़ा खतरा पैदा किया हुआ है। आज की यह कार्रवाई प्रदर्शित करती है कि हम भारत के साथ हैं।बेंजामिन ने कहा कि यह घोषणा आतंकवाद के खिलाफ हमारी जंग में काफी अहम कदम है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले करने का आईएम का मुख्य तरीका भीड़ भरे इलाकों में आपस में समन्वय से कई स्थानों पर बम विस्फोट करना है, जिसमें आर्थिक और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया जाता है, ताकि हताहतों की संख्या ज्यादा से ज्यादा रहे। 2010 में आईएम ने पुणे में जर्मन बेकरी को निशाना बनाया था, जिसमें 17 लोग मारे गए थे। इसके पहले 2008 में दिल्ली में आईएम के हमले में 30 लोग मारे गए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आईएम ने 2008 के मुंबई हमलों में भी अहम भूमिका निभाई थी। लश्कर द्वारा किए गए इस हमले में 163 लोग मारे गए थे। मंत्रालय ने कहा है, इस घोषणा के परिणामस्वरूप गुट को दिए जाने वाले भौतिक और संसाधन संबंधी सहयोग को प्रतिबंधित किया जा सकेगा। गुट की अमेरिका और अमेरिकी लोगों के नियंत्रण में आने वाली संपत्ति की जब्ती में भी मदद मिलेगी। लगभग एक पखवाड़े पहले आई अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में आईएम को भारत के स्वदेशी इस्लामी गुटों के तहत उभरते हुए खतरे के तौर पर चिह्नित किया गया था। इसमें कहा गया था, भले ही भारत इस बात को खुले तौर पर स्वीकार करने में हिचके, पर भारत में भी स्वदेशी इस्लामी आतंकवाद का खतरा है।
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Bhasha
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