- नाइजीरिया और अमेरिका ने पूर्वोत्तर नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के जिहादियों के खिलाफ नए संयुक्त हमले किए
- अमेरिकी अफ्रीका कमांड के अनुसार, हमले में अमेरिकी या नाइजीरियाई सेना के कोई सदस्य घायल नहीं हुए
- नाइजीरियाई सेना ने इन हमलों को आईएसआईएस आतंकवादियों के खिलाफ निरंतर चल रहे अभियानों की एक कड़ी बताया
अमेरिकी सेना ने सोमवार को बताया कि नाइजीरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पूर्वोत्तर नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के जिहादियों के खिलाफ नए हमले किए हैं. नाइजीरियाई सेना ने कहा कि इन हमलों में कम से कम 20 जिहादी मारे गए. अमेरिकी अफ्रीका कमांड (AFRICOM) ने एक बयान में कहा कि ये हमले रविवार को किए गए. नये हमले अमेरिका और नाइजीरिया की तरफ से पश्चिम अफ्रीकी देश में एक संयुक्त अभियान में अबू-बिलाल अल-मिनुकी की हत्या की घोषणा के दो दिन बाद हुए हैं. अल-मिनुकी को आईएसआईएस का विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा नेता बताया जाता है और 2023 से अमेरिका द्वारा उस पर प्रतिबंध लगाए गए थे.
ऑपरेशन पर क्या बताया गया
नाइजीरियाई सेना ने जिहादी समूह के दूसरे नाम का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह छापा नाइजीरिया के अशांत पूर्वोत्तर क्षेत्र में आईएसआईएस आतंकवादियों के खिलाफ लगातार चल रहे अभियानों की एक कड़ी थी. अफ्रीकॉम ने कहा, "खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि हमले में मारे गए सभी व्यक्ति आईएसआईएस के आतंकवादी थे." उसने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान अमेरिकी या नाइजीरियाई सेना का कोई भी सदस्य नुकसान नहीं पहुंचा.
नाइजीरिया में कौन-कौन से आतंकवादी संगठन
नाइजीरिया लंबे समय से जिहादी विद्रोहियों से लड़ रहा है, जिनमें बोको हराम और आईएस संगठन की क्षेत्रीय शाखाएं मुख्य रूप से इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (आईएसडब्ल्यूएपी) शामिल हैं. उत्तरी नाइजीरिया को आईएस से संबद्ध जिहादी समूहों और आपराधिक गिरोहों के हमलों के दोहरे खतरे का सामना करना पड़ता है, जो गांवों में घुसपैठ करते हैं और सामूहिक अपहरण करते हैं. 2025 से, देश पर संयुक्त राज्य अमेरिका का दबाव बना हुआ है, जिसने उस पर इस्लामी उग्रवादी खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप लगाया है.
अफ्रीका बना इस्लामी उग्रावद का केंद्र
वैश्विक संघर्ष निगरानी संस्था एसीएलईडी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम अफ्रीका इस्लामी उग्रवाद का विश्व का सबसे सक्रिय क्षेत्र बन गया है. इसमें बताया गया है कि अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट की गतिविधि 2026 की पहली तिमाही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई. नाइजीरिया के अनुसार, अल-मनुकी "दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादियों में से एक" था. एक खुफिया सूत्र ने नाम नहीं बताने की शर्त पर एएफपी को बताया, "अल-मनुकी की हाई प्रोफाइल स्थिति को देखते हुए, उसकी मौत का बदला लेने के लिए आईएसडब्ल्यूएपी अब नाइजीरियाई सैन्य ठिकानों पर हमले कर सकता है."
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