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This Article is From Nov 02, 2025

ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के बाद अमेरिका और चीन में क्या डील हुई? 10 बड़ी बातें

US-China Trade Deal: अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते का उद्देश्य दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव को कम करना था. यहां जानिए दोनों के बीच किन बातों पर सहमति बनी है.

ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के बाद अमेरिका और चीन में क्या डील हुई? 10 बड़ी बातें
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने व्यापार तनाव कम करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता किया
  • चीन ने रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर लगी रोक को प्रभावी रूप से निलंबित करने और लाइसेंस जारी करने पर सहमति दी
  • अमेरिका ने चीन पर लगाए गए टैरिफ को एक और साल के लिए रोकने और फेंटेनाइल टैरिफ को घटाने पर सहमति जताई
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जब इस सप्ताह की शुरुआत में साउथ कोरिया में मुलाकात हुई तो उसपर पूरी दुनिया की नजर थी. इसकी वजह केवल दुनिया के दो बहुबलियों की मुलाकात नहीं थी. नजर उस व्यापार समझौते पर भी थी जो उस टैरिफ वॉर को कुंद करती जिसने पूरी दुनिया को झटका दिया है. इस व्यापार समझौते का उद्देश्य दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव को कम करना था. अब इस व्यापार समझौते के कुछ डिटेल्स अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफिस- व्हाइट हाउस की तरफ से जारी फैक्ट शीट में दिए गए हैं.

चलिए इस फैक्ट शीट में सामने आई डील की 10 बड़ी बात आपको बताते हैं:

  1. व्हाइट हाउस ने बताया है कि चीन अपने रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर लगे पर रोक को प्रभावी ढंग से निलंबित कर देगा. 
  2. सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में लगी अमेरिकी कंपनियों को टारगटे करने चीन में शुरू की गई जांच को भी समाप्त कर दिया जाएगा.
  3. व्हाइट हाउस ने कहा है कि डील के तहत, अमेरिका के उपभोक्ताओं और दुनिया भर में सप्लायर्स के लाभ के लिए चीन रेयर अर्थ मेटल्स, गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी और ग्रेफाइट के निर्यात के लिए लाइसेंस जारी करेगा. 
  4. इसका अर्थ होगा कि अप्रैल 2025 और अक्टूबर 2022 में चीन ने इनके निर्यात पर जो कंट्रोल (एक तरह से रोक) लगाए थे, उसे प्रभावी ढंग से हटा दिया जाएगा है. 
  5. इससे पहले अमेरिका और चीन, दोनों ने पहले कहा था कि बीजिंग की तरफ से अक्टूबर 2025 में ही घोषित अधिक प्रतिबंधात्मक नियंत्रणों को एक साल के लिए निलंबित किया जाएगा.
  6. अमेरिका एक और साल के लिए चीन पर ट्रंप के लगाए पारस्परिक या रेसिप्रोकल टैरिफ को भी रोक देगा.
  7. अमेरिका में चीन से होने वाले निर्यात पर 100% टैरिफ लागू करने की योजना पर भी रोक लगाई जा रही है. 
  8. अमेरिका ने फेंटेनाइल (ड्रग्स) की तस्करी में हाथ होने के आरोप में चीन पर जो 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, उसे घटाकर 10 प्रतिशत करने पर भी सहमति जताई है. चीन में फेंटेनाइल की तस्करी को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएगा.
  9. वहीं चीन अमेरिका से सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद फिर से शुरू करेगा. अमेरिका ने कहा है कि चीन चालू सीजन के दौरान 12 मिलियन मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदेगा, और अगले तीन वर्षों तक हर साल न्यूनतम 25 मिलियन मीट्रिक टन खरीदेगा.
  10. अमेरिका ने शनिवार को यह भी कहा कि बीजिंग डच चिप निर्माता नेक्सपेरिया बीवी की चीनी सुविधाओं को शिपमेंट फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए कदम उठाएगा.
बड़ी काम की बात- चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है. दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन का 60-70 प्रतिशत हिस्सा चीन का है. अगर यह रेयर अर्थ मेटल्स ना हो तो आपके स्मार्टफोन से लेकर आपके कंप्यूटर और तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामान, सेमीकंडक्टर्स, बिजली से चलने वाली कारें, विमानों के इंजन, इलाज के उपकरण, तेल की रिफाइनिंग यानी और यहां तक कि युद्ध में इस्तेमाल होने वाली मिसाइल्स और रडार सिस्टम तक नहीं बन पाएंगे.

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