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This Article is From Mar 20, 2026

होर्मुज को मुट्ठी में करने की कोशिश में जुटा अमेरिका, ईरानी जहाजों पर हमला, ड्रोन्स को ठिकाने लगाया

अमेरिका ने होर्मुज पर नियंत्रण पाने के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर, लो‑फ्लाइंग जेट और तेज हमलों से ईरानी नौकाएं तबाह कीं. WSJ के अनुसार, अभियान बहु‑चरणीय है और खतरे घटाने पर US का फोकस है.

होर्मुज को मुट्ठी में करने की कोशिश में जुटा अमेरिका, ईरानी जहाजों पर हमला, ड्रोन्स को ठिकाने लगाया
  • अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी घातक वन-वे ड्रोन मार गिराने के लिए Apache हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं.
  • अमेरिकी A-10 Warthog फाइटर जेट कम ऊंचाई से उड़कर ईरान की तेज हमला नौकाओं को निशाना बना रहे हैं.
  • हाल के दिनों में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई ईरानी नौसैनिक जहाज और सैन्य संसाधन तबाह किए हैं.

ईरान‑अमेरिका युद्ध के तीन हफ्ते बीत चुके हैं और दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की जद्दोजहद तेज हो गई है. इसी बीच अमेरिका ने तेजी से अपने हमलावर विमान और हेलिकॉप्टर तैनात करके होर्मुज में ईरानी संसाधनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

ड्रोन मार गिराने के लिए US ने अपाचे हेलीकॉप्टर भेजे 

अमेरिका ने Apache हेलीकॉप्टर्स को तेजी से तैनात किया है. इनका मुख्य काम है, ईरान के उन घातक 'वन‑वे अटैक ड्रोन' को मार गिराना, जिनसे खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे और जहाजों पर हमले किए जा रहे थे.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए US की पुख्ता तैयारी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए US की पुख्ता तैयारी

कम ऊंचाई वाले फाइटर जेट तैनात

अमेरिका ने लो‑फ्लाइंग अटैक जेट्स, विशेषकर A‑10 Warthog को जलडमरूमध्य के ऊपर भेजना शुरू किया है. ये जेट बेहद कम ऊंचाई से उड़कर ईरान की तेज हमला‑नौकाओं (fast‑attack boats) को ध्वस्त कर रहे हैं.

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होर्मुज में ईरान के कई जहाज तबाह

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान की नौसैनिक ताकत पर बड़ा प्रहार किया है. कई ईरानी नौकाएं और सैन्य संसाधन नष्ट किए जा चुके हैं, ताकि जलडमरूमध्य में सुरक्षित नेविगेशन बहाल किया जा सके.

अमेरिका की असली रणनीति क्या है?

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट की मानें तो अमेरिकी युद्धक विमान और हेलीकॉप्टर होर्मुज को दोबारा खोलने की जंग शुरू कर चुके हैं… समुद्री मार्गों के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अटैक जेट ईरान के नौसैनिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं और अपाचे हेलीकॉप्टर ईरान के घातक ड्रोन गिरा रहे हैं.

दरअसल तेज हुआ यह अभियान पेंटागन की बहु‑चरणीय योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान की हथियारबंद नौकाओं, माइन्स और क्रूज़ मिसाइलों से पैदा होने वाले खतरे को कम करना है. वही खतरे जिनकी वजह से मार्च की शुरुआत से जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही रुक गई है. अमेरिकी हमलों ने 120 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया है या नष्ट कर दिया है.

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200 बिलियन डॉलर के हथियार बने खाड़ी देशों की ढाल

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने खाड़ी देशों को 200 बिलियन डॉलर से अधिक की हथियार आपूर्ति की है. यही रक्षा प्रणाली पैट्रियट, THAAD, फाइटर जेट और निगरानी तकनीक अब ईरानी मिसाइल हमलों से सुरक्षा प्रदान कर रही है.

लेकिन चुनौती अब भी बड़ी है. ईरान के पास बड़ी मात्रा में माइन्स, क्रूज़ मिसाइलें, तेज़ हमला‑नौकाएं और समुद्र तट पर बने भूमिगत टनल बेस अब भी मौजूद हैं, जिनकी वजह से होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में हफ्ते लग सकते हैं.

अमेरिका की रणनीति बिल्कुल स्पष्ट है कि होर्मुज को फिर से खोलना है. जहाजों को सुरक्षित कराना ताकि तेल बाजार स्थिर हो सके और ईरान की स्ट्रेट‑कंट्रोल क्षमता को निष्प्रभावी किया जा सके. 

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