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ओमान में 'लियाकी फ्रीडम' जहाज पर हमले की खबर गलत, पूरा क्रू सुरक्षित; विदेश मंत्रालय का आया बयान

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर हमले को लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो को फोन कॉल लगाया और कड़ा विरोध जताया. लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा है कि लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर गलत है.

ओमान में 'लियाकी फ्रीडम' जहाज पर हमले की खबर गलत, पूरा क्रू सुरक्षित; विदेश मंत्रालय का आया बयान
विदेश मंत्रालय के 'MEA Fact Check' ने लोगों के लिए एक चेतावनी भी जारी की है.

ओमान के तट पर 'लियाकी फ्रीडम' जहाज पर हमले और भारतीय नाविकों की मौत की खबरें पूरी तरह झूठी निकली हैं. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य (क्रू मेंबर्स) पूरी तरह सुरक्षित हैं. विदेश मंत्रालय (MEA) ने मीडिया में आई उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी हमले में इस जहाज पर सवार भारतीय नाविक मारे गए हैं. 

सरकार ने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी अफवाह पर यकीन न करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट चेक हैंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उन्होंने खुद जहाज के मास्टर (कप्तान) से सीधे बात की है. कप्तान ने पुष्टि की है कि जहाज पर सब कुछ ठीक है और चालक दल का हर एक सदस्य सुरक्षित है. मंत्रालय ने मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही मौतों की खबरों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया.

कैसे शुरू हुई हमले और मौतों की अफवाह?

दरअसल, यह पूरा भ्रम तब शुरू हुआ जब 'फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया' ने बताया कि उनका 'लियाकी फ्रीडम' जहाज से संपर्क नहीं हो पा रहा है. यूनियन के मुताबिक, जहाज का वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) रेडियो काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण संपर्क टूट गया था. हालांकि, यूनियन सैटेलाइट के जरिए जहाज की लोकेशन ट्रैक कर पा रही थी, जो अक्षांश (Latitude) 24°43.85N और देशांतर (Longitude) 56°37.52E पर मौजूद था.

इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया गया. खबरों में दावा किया गया कि ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को निशाना बनाया है, जिसमें कई भारतीय नाविक मारे गए हैं. मर्चेंट नेवी के इस जहाज का नाम 'लियाकी फ्रीडम' है और 'वेसल ट्रैकर' वेबसाइट के मुताबिक, इस टैंकर जहाज पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा हुआ है.

विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से दर्ज कराया कड़ा विरोध

भले ही 'लियाकी फ्रीडम' जहाज सुरक्षित है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की एक अन्य कार्रवाई को लेकर भारत सरकार बेहद सख्त है. शनिवार तड़के भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की. इस बातचीत में उन्होंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की ओर से किए गए हमलों में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर भारत का कड़ा और मजबूत विरोध दर्ज कराया.

विदेश मंत्री जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि कमर्शियल यानी व्यापारिक जहाजों पर इस तरह की जानलेवा और घातक कार्रवाई को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बातचीत की जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के सामने भारत का विरोध पूरी मजबूती से रख दिया है.

भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील

इस पूरी घटना के बाद विदेश मंत्रालय के 'MEA Fact Check' ने लोगों के लिए एक चेतावनी भी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि समंदर में जहाजों की सुरक्षा और नाविकों से जुड़ी खबरों को लेकर लोग बेहद सतर्क रहें. सोशल मीडिया पर बिना जांच-पड़ताल के ऐसी संवेदनशील और झूठी खबरों को शेयर न करें, जिससे पैनिक या डर का माहौल पैदा हो.

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