जिनिवा:
श्रीलंका इस हफ्ते चर्चा के केंद्र में रहेगा जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद उस अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार करेगी जिसमें कोलंबो से तमिल विद्रोहियों के साथ युद्ध के दौरान मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की जांच करने का अनुरोध किया गया है।
अधिकार समूह का कहना है कि श्रीलंकाई सेना द्वारा तमिल विद्रोहियों के सफाये के लिए चलाए गए अभियान के दौरान अंतिम महीने में 40 हजार तक आम नागरिक मारे गए।
तमिल विद्रोहियों ने अल्पसंख्यक तमिलों के लिए अलग देश की मांग को लेकर दशकों अभियान चलाया। अमेरिकी प्रस्ताव पर बुधवार दोपहर तक विचार किया जा सकता है। अमेरिकी प्रस्ताव को श्रीलंका ने खारिज कर दिया है। वहीं कार्यकर्ताओं ने कोलंबो समर्थित तत्वों पर उन्हें जिनिवा में डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।
नाम न बताने की शर्त पर एक गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ता ने कहा कि परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के दौरान उनकी उन लोगों ने तस्वीरें लीं जो लगता है श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल के साथ थे।
कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘यह बेहद प्रकट तरीके से किया गया और हमने बेहद असहज महसूस किया।’’ उन्होंने कहा कि दल ने सत्र को छोड़ने पर विचार किया।
अधिकार समूह का कहना है कि श्रीलंकाई सेना द्वारा तमिल विद्रोहियों के सफाये के लिए चलाए गए अभियान के दौरान अंतिम महीने में 40 हजार तक आम नागरिक मारे गए।
तमिल विद्रोहियों ने अल्पसंख्यक तमिलों के लिए अलग देश की मांग को लेकर दशकों अभियान चलाया। अमेरिकी प्रस्ताव पर बुधवार दोपहर तक विचार किया जा सकता है। अमेरिकी प्रस्ताव को श्रीलंका ने खारिज कर दिया है। वहीं कार्यकर्ताओं ने कोलंबो समर्थित तत्वों पर उन्हें जिनिवा में डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।
नाम न बताने की शर्त पर एक गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ता ने कहा कि परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के दौरान उनकी उन लोगों ने तस्वीरें लीं जो लगता है श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल के साथ थे।
कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘यह बेहद प्रकट तरीके से किया गया और हमने बेहद असहज महसूस किया।’’ उन्होंने कहा कि दल ने सत्र को छोड़ने पर विचार किया।
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UN To Discuss Srilanka Issue, Human Rights, Tamil War Crimes, युद्ध अपराध, श्रीलंका में तमिल मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र