- पाकिस्तान के साहिवाल में 13 वर्षीया ईसाई लड़की सताइश मरियम का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन और शादी कराई गई है
- पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन लड़की की बरामदगी के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं
- आरोपी ने दावा किया कि सताइश ने इस्लाम स्वीकार कर लिया है और शादी कर ली है, जबकि परिवार को जानकारी नहीं दी गई
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी है. पाकिस्तान से लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं जहा अल्पसंख्यक समुदाय से आने वालीं मासूम बच्चियों का अपहरण करके जबरन उनका धर्म बदला जा रहा है, इस छोटी उम्र में जबरदस्ती उनकी शादी कर दी जा रही है. फिर से ठीक यही देखने को मिला है. ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (HRFP) ने पाकिस्तान के साहिवाल जिले में 13 साल की ईसाई लड़की सताइश मरियम के अपहरण, उसके जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन शादी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. अपहरण के एक महीने बाद भी मरियम घर नहीं लौटी है.
सताइश मरियम के साथ क्या हुआ?
पहली FIR 11 जनवरी को दर्ज की गई. इसके अनुसार सतैश मरियम का कथित तौर पर 10 और 11 जनवरी की दरम्यानी रात को अपहरण कर लिया गया था. उसके पिता बशारत मसीह एक दिहाड़ी मजदूर हैं. उन्होंने ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने अली हैदर गुलजार नाम के आरोपी को अपने अज्ञात साथियों के साथ नाबालिग लड़की को जबरन एक वाहन में ले जाते हुए देखा.
यह घटना तब घटी जब सताइश की मां शहनाज बीबी एड़ी में फ्रैक्चर के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थीं. परिवार के मुताबिक, सताइश घर के काम के लिए बाहर गई थी, तभी उसे जबरन उठा लिया गया. लड़की के पिता ने HRFP टीम को बताया कि पुलिस ने उनके द्वारा दी गई शिकायत स्वीकार कर ली है और कानूनी कार्यवाही शुरू की है. हालांकि कोई संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है.
मरियम का जबरन धर्म बदलकर शादी कर ली
पहले तो बेटी का अपहरण हुआ और फिर 22 जनवरी को कई लोगों ने घर में घुसकर धमकी दी. उन लोगों ने अपहरण के मामले को आगे बढ़ाने के लिए परिवार को डराया-धमकाया. इस मामले में एक और FIR दर्ज की गई. स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित किडनैपर ने दावा किया कि नाबालिग लड़की ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और शादी कर ली है.
पीड़ित परिवार ने तर्क दिया कि धर्म बदलने और शादी का काम कोर्ट में बिना परिवार को बताए कर लिया गया. माता-पिता को अपनी बेटी से मिलने भी नहीं दिया गया. शादी और धर्मपरिवर्तन के लिए 13 साल की बच्ची का बयान 28 जनवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के सामने लिया गया.
3 फरवरी को HRFP कार्यालय में बोलते हुए, सताइश मरियम के माता-पिता ने न्याय के लिए अपनी अपील दोहराई. सताइश की मां शाहनाज बीबी ने बताया कि वह घर पर अकेली थीं, अपने फ्रैक्चर के कारण अपनी बेटी की सुरक्षा करने में असमर्थ थीं. वो लगातार मिल रही धमकियों के बीच परिवार की सुरक्षा को लेकर डर रही हैं. माता-पिता का कहना है कि सताइश अभी नाबालिग है और इसलिए कानूनी तौर पर शादी या धर्म परिवर्तन के लिए सहमति देने में असमर्थ है.
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