संयुक्त राष्ट्र:
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने मृत्युदंड के बढ़ते विरोध का स्वागत करते हुए चिंता जताई है कि कुछ देशों में अकसर अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन करके मौत की सजा दी जाती है।
बान ने मैड्रिड में आयोजित पांचवीं विश्व कांग्रेस में मृत्युदंड के खिलाफ अपने संदेश में कहा कि मृत्युदंड को पूरी तरह समाप्त करने को हर क्षेत्र, हर कानूनी प्रणाली, परंपरा, रिवाज और प्रत्येक धार्मिक पृष्ठभूमि का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि 150 से अधिक देशों ने या तो मृत्युदंड समाप्त कर दिया है या वे किसी अपराधी को यह सजा नहीं देते। पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र के 174 सदस्य देशों ने फांसी की सजा नहीं दी।
मून ने कहा, इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद मुझे इस बात की बहुत चिंता है कि कुछ देश अब भी मृत्युदंड दे रहे हैं और हर वर्ष अकसर अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन करके हजारों व्यक्तियों को फांसी दी जाती है। कुछ देशों ने लंबे समय तक मृत्युदंड न देने के बाद दोबारा यह सजा देना शुरू कर दिया है। मून ने कहा कि मृत्युदंड संबंधी सूचना को अकसर गोपनीय रखा जाता है। मृत्युदंड की सजा पाने वाले और जिन लोगों को मौत की सजा दी जानी है, उनके बारे में आंकड़े उपलब्ध न होने के कारण इस मुद्दे पर बहस में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है। इस बहस से मृत्युदंड को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मृत्युदंड समाप्त करने के मुद्दे पर इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र पैनल में चर्चा की जाएगी।
बान ने मैड्रिड में आयोजित पांचवीं विश्व कांग्रेस में मृत्युदंड के खिलाफ अपने संदेश में कहा कि मृत्युदंड को पूरी तरह समाप्त करने को हर क्षेत्र, हर कानूनी प्रणाली, परंपरा, रिवाज और प्रत्येक धार्मिक पृष्ठभूमि का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि 150 से अधिक देशों ने या तो मृत्युदंड समाप्त कर दिया है या वे किसी अपराधी को यह सजा नहीं देते। पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र के 174 सदस्य देशों ने फांसी की सजा नहीं दी।
मून ने कहा, इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद मुझे इस बात की बहुत चिंता है कि कुछ देश अब भी मृत्युदंड दे रहे हैं और हर वर्ष अकसर अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन करके हजारों व्यक्तियों को फांसी दी जाती है। कुछ देशों ने लंबे समय तक मृत्युदंड न देने के बाद दोबारा यह सजा देना शुरू कर दिया है। मून ने कहा कि मृत्युदंड संबंधी सूचना को अकसर गोपनीय रखा जाता है। मृत्युदंड की सजा पाने वाले और जिन लोगों को मौत की सजा दी जानी है, उनके बारे में आंकड़े उपलब्ध न होने के कारण इस मुद्दे पर बहस में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है। इस बहस से मृत्युदंड को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मृत्युदंड समाप्त करने के मुद्दे पर इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र पैनल में चर्चा की जाएगी।
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