- फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश को यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने आतंकवादी घटना बताया है
- भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने चाकू से हुए हमले के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर हमलावर को काबू किया
- यूएई और इजरायल के बीच कमर्शियल उड़ानें फिर से शुरू हो रही हैं ताकि यूएई में फंसे यात्रियों को वापस लाया जा सके
UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गर्गश ने शुक्रवार को इस हफ्ते की शुरुआत में तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश को "आतंकवादी घटना" बताया. ऐसा कहने वाले वे पहले सीनियर अमीराती अधिकारी बन गए हैं.
गर्गश ने लिखा कि मच्छार तारीफ के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने "हिम्मत का मतलब दिखाया जब उन्होंने आतंकवाद की एक खतरनाक और संभावित रूप से विनाशकारी घटना का सामना किया."उन्होंने इस घटना से जुड़ी "सरल व्याख्याओं" और साजिश की थ्योरीज के बारे में भी चेतावनी दी और कहा कि चरमपंथ और आतंकवाद से पैदा होने वाले खतरों का सामना करने के लिए सतर्क रहना जरूरी है.
नेतन्याहू की सीधी धमकी
वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि फ्लाईदुबई (FlyDubai) घटना के पीछे जो भी ताकत होगी, उसे "बहुत भारी कीमत" चुकानी होगी. हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया कि इसके लिए कौन सा देश जिम्मेदार है.
नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, "जैसे-जैसे समय बीत रहा है, तस्वीर साफ होती जा रही है: हमलावर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित था. वह सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करने के इरादे से आया था." हमलावर को-पायलट के बारे में नेतन्याहू ने कहा, "हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसे किसी ने भेजा था, और जिसने भी उसे भेजा है, उसे बहुत भारी कीमत चुकानी होगी."
इस बीच पता चला है कि संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच इस हमले के बाद रोकी गई कमर्शियल यात्रा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए आज से फिर शुरू होगी.
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