दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के पिता भूपेंद्र मच्छार ने NDTV से कहा कि उनका बेटा बड़ा हिम्मती है. जब उनसे पूछा गया कि जब ये खबर सामने आई तो आपको कैसा लगा? तो उनके पिता ने कहा कि ऐसी स्थिति में मन में बुरे ख्याल आते हैं. लेकिन हमने तुरंत भगवान के सामने दीया लगाया कि कुछ भी हो जाए लेकिन कुछ खराब नहीं होना चाहिए.
बेटे की बहादुरी के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि 'इस चीज की कोई ट्रेनिंग नहीं दी जाती है, ऊपरवाले की मेहरबानी रही कि उसके पास शक्ति आ गई, एक प्रॉब्लम आ गई, उसने उसका सामना किया. उसके मन में एक बात पक्की थी कि किसी भी यात्री की जान नहीं जानी चाहिए, उस चीज में ऊपर वाले ने उसका साथ दिया.'
मां का क्या रिएक्शन था?
फ्लाइट की खबर आने के बाद मां का रिएक्शन क्या था? इस बारे में भूपेंद्र मच्छार ने NDTV से कहा, 'हम दोनों ही बहुत सेंसेटिव हैं. मां बहुत सेंसेटिव है. लेकिन हमें पता था कि भगवान जो भी करेगा, अच्छा ही करेगा, वह बुरा नहीं होने देगा.'
उन्होंने बताया कि जब यह खबर आई तो हम लोग बहुत डर गए थे. स्मित की पत्नी और दोनों बच्चे दुबई में हैं और हम मुंबई में थे. हम बस भगवान का नाम ले रहे थे और उन्हें समझा रहे थे डरना मत, हम बस पहुंच ही रहे हैं.
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क्या स्मित को अशोक चक्र मिलना चाहिए?
स्मित की बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बच सकी. आज पूरी दुनिया उन्हें और उनकी बहादुरी को सलाम कर रही है. भारत में कई राजनेताओं ने भी उन्हें अशोक चक्र देने की मांग की है. इस बारे में जब भूपेंद्र मच्छार से पूछा गया कि क्या उनके बेटे को अशोक चक्र मिलना चाहिए? तो उन्होंने बस इतना कहा कि वह इस बारे में अभी कुछ नहीं बोल सकते हैं.
जब उनसे पूछा गया कि क्या स्मित को अब वापस भारत आ जाना चाहिए? तो उनके पिता ने कहा कि वो जहां काम करना चाहता है, वहां कर सकता है.
उन्होंने कहा कि फ्लाइट में जो हुआ, वैसा सालों में एकाध बार होता है लेकिन ये होना नहीं चाहिए था. उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने जो किया वह प्राउड मोमेंट है लेकिन उन्हें एक बार अपने बेटे को देखना है.
जिस ओमानी को-पायलट ने स्मित पर हमला किया, उसके बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें उसके बारे में कुछ मालूम नहीं है.
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जेन-जी के लिए पिता ने क्या कहा?
स्मित के पिता भूपेंद्र ने जेन-जी को भी एक मैसेज दिया. उन्होंने कहा कि उनका बेटा जो आज माता-पिता को सम्मान दे रहा है, जिस तरह से फैमिली के साथ जी रहा है, वैसे ही आप लोग भी रहेंगे.
उन्होंने कहा कि आप जितना अच्छा सोचेंगे, ऊपर वाला उतनी ही हेल्प करेगा. युवाओं से कहना चाहता हूं कि सच्चाई और ईमानदारी हमेशा जीतती है, उसी को पकड़कर चलना ही कामयाबी है और तभी भारत में सभी लोग अच्छे से रह पाएंगे.
'हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद ही सोते हैं'
स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल में कहा कि जब को-पायलट ने हमला किया, तब वह हनुमान चालीसा ही पढ़ते रहे, जिससे उन्हें काफी हिम्मत मिली.
इस बारे में जब उनसे सवाल किया गया तो पिता ने बताया कि 'हमारे घर में एक सिस्टम है कि हम हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद ही सोते हैं और उठने के बाद भी घर के बच्चों को गोद में बिठाकर हनुमान चालीसा सुनाते हैं.'
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