उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे परमाणु परिक्षणों पर नजर रखने के लिए अमेरिका ने अपने युद्धपोत रवाना कर दिए हैं
- उत्तर कोरिया UN की अनदेखी कर पांच परमाणु परीक्षण कर चुका है
- दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर की बात
- सीरिया पर अमेरिकन हमले की उत्तर कोरिया ने की थी कड़ी निंदा
वाशिंटन:
सीरिया में मिसाइल दागने के बाद अमेरिका ने उत्तर कोरिया की तरफ रुख किया है. उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे मिसाइल परीक्षण को देखते हुए अमेरिका ने यह कदम उठाया है. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी पैसिफिक कमान ने अपने कार्ल विनसन मारक टुकड़ी को पश्चिमी पैसिफिक में तैनाती के लिए रवाना कर दिया है. इस टुकड़ी में युद्धपोत और एयरक्राफ्ट शामिल हैं.
अमेरिकी पैसिफिक कमान के प्रवक्ता डेव बेनहम ने बताया कि पश्चिमी पैसिफिक में उत्तर कोरिया एक बड़ा खतरा है, क्योंकि यह देश गैर जिम्मेदार है और यह लगातार मिसाइल तथा परमाणु परीक्षण कर रहा है. जानकार बताते हैं कि इस टुकड़ी को ऑस्ट्रेलिया जाना था, लेकिन उत्तर कोरिया की चुनौती के बाद इसे सिंगापुर से प्रशांत महासागर की तरफ रवाना कर दिया गया.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने यह कदम शनिवार को दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद उठाया है. व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया समेत अन्य मुद्दों पर नजर रखने के लिए एकदूसरे का साथ देने का वादा किया है.
बता दें कि जब अमेरिका ने सीरिया पर मिसाइली हमला किया था तब उत्तर कोरिया ने कहा था कि अमेरिकी हमलों से साबित हो गया है कि उसके परमाणु् कार्यक्रम को मजबूती देना एक सही कदम था. उत्तर कोरिया द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र उस पर कई प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रतिबंधों की परवाह किए बिना अपने परमाणु परीक्षण को लगातार तेज कर रहा है. यह देश पांच परमाणु परीक्षण कर चुका है.
अमेरिकी पैसिफिक कमान के प्रवक्ता डेव बेनहम ने बताया कि पश्चिमी पैसिफिक में उत्तर कोरिया एक बड़ा खतरा है, क्योंकि यह देश गैर जिम्मेदार है और यह लगातार मिसाइल तथा परमाणु परीक्षण कर रहा है. जानकार बताते हैं कि इस टुकड़ी को ऑस्ट्रेलिया जाना था, लेकिन उत्तर कोरिया की चुनौती के बाद इसे सिंगापुर से प्रशांत महासागर की तरफ रवाना कर दिया गया.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने यह कदम शनिवार को दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद उठाया है. व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया समेत अन्य मुद्दों पर नजर रखने के लिए एकदूसरे का साथ देने का वादा किया है.
बता दें कि जब अमेरिका ने सीरिया पर मिसाइली हमला किया था तब उत्तर कोरिया ने कहा था कि अमेरिकी हमलों से साबित हो गया है कि उसके परमाणु् कार्यक्रम को मजबूती देना एक सही कदम था. उत्तर कोरिया द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र उस पर कई प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रतिबंधों की परवाह किए बिना अपने परमाणु परीक्षण को लगातार तेज कर रहा है. यह देश पांच परमाणु परीक्षण कर चुका है.
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