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डोनाल्ड ट्रंप ने फिर छेड़ा 'तीसरे कार्यकाल' का राग, 22वें संशोधन को लेकर छिड़ी नई बहस

22nd Amendment to the US Constitution: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी संसद को संबोधित किया. 'स्टेट ऑफ द यूनियन' के इस भाषण में ट्रंप ने रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने 107 मिनट का भाषण दिया. 

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर छेड़ा 'तीसरे कार्यकाल' का राग, 22वें संशोधन को लेकर छिड़ी नई बहस
US President Donald Trump: स्टेट ऑफ द यूनियन को संबोधित करते अमेरिकी राष्ट्रपति
  • डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद के सामने तीसरे कार्यकाल की इच्छा जाहिर करते दिखे जबकि संविधान में यह साफ मना है
  • ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में 2020 के चुनाव में धोखाधड़ी का बिना सबूत दावा दोहराया
  • अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन किसी व्यक्ति को दो से अधिक बार राष्ट्रपति बनने से रोकता है

दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी संभाल रहे डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि वो तीसरी बार भी इस कुर्सी पर बैठे. ट्रंप ने अब अमेरिकी की संसद के सामने ऐसा हिंट दिया है. वो ऐसा यह जानते हुए भी कर रहे हैं कि अमेरिका का संविधान किसी को भी तीसरी बार राष्ट्रपति बनने से रोकता है. ट्रंप के इस सपने के बीच में अमेरिकी संविधान की 22वां संशोधन आता है. दरअसल ट्रंप ने मंगलवार, 24 फरवरी (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी संसद को संबोधित किया. 'स्टेट ऑफ द यूनियन' के इस भाषण में ट्रंप ने रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने यहां 107 मिनट का भाषण दिया. 

यहां ट्रंप ने एक बार फिर बिना किसी सबूत के यह दावा किया कि उन्होंने 2020 का चुनाव जीता था लेकिन धांधली करके चाहिए जो बाइडेन को राष्ट्रपति बनाया गया. अपने संबोधन के दौरान दवाओं की कीमतें कम करने के प्रयासों पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मेरे पहले कार्यकाल, दूसरे कार्यकाल में... असल में यह मेरा तीसरा कार्यकाल होना चाहिए था, लेकिन कुछ अजीब चीजें हुईं." 

ट्रंप का इशारा 2020 के चुनाव की तरफ ही था, जिसको लेकर वो बार-बार बिना सबूत के धांधली का दावा करते रहे हैं. हालांकि उससे खास बात थी कि ट्रंप तीसरे कार्यकाल की बात कर रहे थे, जिसकी इजाजत अमेरिकी संविधान में है ही नहीं. चलिए आपको अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के बारे में बताते हैं.

क्या है अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन?

अमेरिका के संविधान में 22वां संशोधन 27 फरवरी 1951 को हुआ था. यह संशोधन अमेरिका में किसी व्यक्ति को दो से अधिक बार राष्ट्रपति बनने से रोकता है. अमेरिका ने पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन के बाद से जितने राष्ट्रपति बने थे, उन्होंने एक रिवाज की तरह खुद से दो कार्यकाल की सीमा लगा रखी थी. लेकिन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इसे तोड़ दिया. रूजवेल्ट, एक डेमोक्रेट थे जो महामंदी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रपति थे. उन्होंने तीसरे कार्यकाल में काम किया और फिर 1945 में अपने चौथे कार्यकाल के कुछ महीनों के भीतर उनकी मृत्यु हो गई. आगे कोई और ऐसा नहीं कर सके, इसलिए 1951 में अमेरिकी संविधान में 22वां संशोधन लाया गया.

क्या ट्रंप संविधान बदलेंगे?

अगर ट्रंप को तीसरी बार राष्ट्रपति बनना है तो उन्हें अमेरिका का संविधान बनना होगा और यह हद से ज्यादा मुश्किल है.

अमेरिका के संविधान में संशोधन दो तरीकों से दिया जा सकता है-

  • संसद द्वारा: अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों (प्रतिनिधि सदन और सीनेट) में दो-तिहाई (2/3) बहुमत से प्रस्ताव पारित होना चाहिए. अब तक के सभी 27 संशोधन इसी तरीके से प्रस्तावित हुए हैं.
  • राष्ट्रीय सम्मेलन द्वारा: यदि दो-तिहाई राज्यों की विधायिकाएं (वर्तमान में 50 में से 34 राज्य) मांग करें, तो कांग्रेस को संशोधन प्रस्तावित करने के लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाना होगा. हालांकि इस तरीके का उपयोग अब तक कभी नहीं किया गया है.

ध्यान रहे कि अभी ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के पास सदन में बहुत कम 219-213 का बहुमत है और सीनेट में 53-47 का बहुमत है. रिपब्लिकन 28 राज्य विधानसभाओं को नियंत्रित करते हैं. 

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Ashutosh Kumar Singh
Chief Sub Editor
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