- तुर्की के राष्ट्रपति ने नाटो समिट में आए नेताओं को तोहफे के रूप में असली रिवॉल्वर और 6 जिंदा गोलियां दी हैं
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सबसे पहले इस अनोखे तोहफे का जिक्र करने वाले नेता थे
- यह दुर्लभ सिक्स-शूटर रिवॉल्वर Gumusay .357 Magnum है जिसे 1990 के दशक में तुर्की की कंपनी MKE ने बनाया था
क्या आपने कभी सुना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नेताओं को यादगार तोहफे के रूप में असली रिवॉल्वर और 6 जिंदा गोलियां दी जाएं? तुर्की में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के बाद बिल्कुल ऐसा ही हुआ. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान के इस अनोखे तोहफे ने कई देशों के नेताओं और उनकी सुरक्षा टीमों को हैरानी में डाल दिया. कई नेताओं ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि गिफ्ट बॉक्स के अंदर क्या था. कुछ नेताओं ने तो उसे देखने से पहले ही उनकी सुरक्षा टीम ने अपने कब्जे में ले लिया. अब इस खास रिवॉल्वर की तस्वीर भी आ गई है. हम आपको स्टोरी में आगे इस रिवॉल्वर के बारे में हर बात बताएंगे.
हैरत में रह गए तमाम नेता
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सबसे पहले इस अनोखे तोहफे का जिक्र करने वाले नेता थे. उन्होंने अंकारा से लौटते समय पत्रकारों से कहा कि उन्हें और कई दूसरे नेताओं को उनके नाम वाली रिवॉल्वर दी गई. लाल रंग के डिब्बे में रखी इस रिवॉल्वर के साथ 6 जिंदा गोलियां और एक नोट भी था. उस नोट में लिखा था कि इन हथियारों पर निर्यात से जुड़े नियम लागू नहीं होंगे. नाटो के कई सदस्य देशों के अधिकारियों ने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला तोहफा था. इसकी वजह से अलग-अलग देशों की सुरक्षा टीमों के लिए कई मुश्किल और अजीब हालात पैदा हो गए.

कितनी खास है रिवॉल्वर
CNN की रिपोर्ट के अनुसार रिवॉल्वर की सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि यह Gumusay .357 Magnum जैसी दिखती है. यह एक दुर्लभ सिक्स-शूटर रिवॉल्वर है जिसे 1990 के दशक में तुर्की की हथियार बनाने वाली कंपनी MKE ने बनाया था. इसकी कोई स्टैंडर्ड रिटेल मार्केट कीमत नहीं है क्योंकि यह एक दुर्लभ, विंटेज कलेक्ट की जाने वाली आइटम है. इसकी रेंज 50 से 120 मीटर है, जो बैरल की लंबाई निर्भर करती है.

नेताओं के लिए बना सिरदर्द
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर को बेल्जियम पहुंचने के बाद ही पता चला कि उन्हें मिले तोहफे में क्या था. एक अधिकारी ने एएफपी को बताया कि प्रधानमंत्री हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत रिवॉल्वर हवाई अड्डे की पुलिस को सौंप दी, ताकि उसे सुरक्षित तिजोरी में रखा जा सके और सभी जरूरी नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सके. बार्ट डे वेवर की सुरक्षा टीम ने यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला फॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा को मिली रिवॉल्वर की भी जिम्मेदारी संभाली. इससे सुरक्षा और सरकारी नियमों से जुड़ी कई मुश्किलें सामने आईं.
पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नावरोत्स्की को मिली रिवॉल्वर भी सुरक्षित पहुंच गई. लेकिन इस बार पूरी सावधानी बरती गई, क्योंकि सभी को एक पुरानी घटना याद थी. दिसंबर 2022 में पोलैंड के पुलिस प्रमुख यूक्रेन से तोहफे में मिला एक एंटी-टैंक ग्रेनेड लॉन्चर अपने साथ ले आए थे. बाद में वह लॉन्चर उनके दफ्तर में ही फट गया था. इसमें उन्हें हल्की चोट लगी थी और वारसॉ स्थित पुलिस मुख्यालय को भी काफी नुकसान हुआ था.
कीर स्टार्मर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन समेत कई नेताओं की रिवॉल्वर फिलहाल तुर्की की राजधानी में ही रखी हुई हैं. इसकी वजह यह है कि अलग-अलग देशों के कानूनों के अनुसार काम करने वाले हथियारों को एक देश से दूसरे देश ले जाना आसान नहीं होता. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपनी रिवॉल्वर तो अपने साथ ले गए, लेकिन गोलियां तुर्की में ही छोड़ दीं. स्वीडन के प्रधानमंत्री की टीम ने बताया कि उनकी रिवॉल्वर को सभी नियमों का पालन करते हुए स्वीडन भेजा जाएगा.
सवाल है कि आखिर ऐसा तोहफा क्यों दिया गया? देशों के प्रमुखों के बीच बैठकों और शिखर सम्मेलनों में तोहफा लेना-देना आम बात है, लेकिन ऐसे तोहफे बहुत कम दिए जाते हैं जिनके लिए इतनी ज्यादा सुरक्षा और कानूनी सावधानियां बरतनी पड़ें.
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