- NHAI ने दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के पास जाम कम करने के लिए नया हाई-स्पीड कॉरिडोर NH-148AE कैबिनेट से मंजूर किया
- यह छह लेन का कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे से शुरू होकर वसंत कुंज के महिपालपुर-छतरपुर रोड के पास समाप्त होगा
- कॉरिडोर में कैरिजवे, 3.14 किलोमीटर की ट्विन ट्यूब टनल, एलिवेटेड रोड और एट-ग्रेड रोड शामिल हैं
राजधानी दिल्ली में आईजीआई एयरपोर्ट के पास रोजाना लगने वाला जाम अब पुरानी कहानी होने वाली है. NHAI एक नया हाई-स्पीड कॉरिडोर NH-148AE बना रहा है. यह प्रोजेक्ट कैबिनेट से मंजूर हो चुका है. यह दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिहाज से गेम चेंजर प्रोजेक्ट साबित होने वाला है. इस कॉरिडोर के बनने के बाद न सिर्फ दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि गुरुग्राम आने-जाने वाले लोगों को भी सीधा फायदा होगा. आइए इस प्रोजेक्ट के बारे में बताते हैं.
NHAI ने अनुसार, वर्तमान में NH-48 पर ट्रैफिक का दबाव उसकी वास्तविक क्षमता से लगभग तीन गुना ज्यादा हो चुका है. यही कारण है कि दिल्ली के महिपालपुर और वसंत कुंज के बीच रोजाना पीक ऑवर्स में घंटों का समय और ईंधन बर्बाद होता है. अब NHAI इस ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए नया हाई-स्पीड कॉरिडोर NH-148AE बना रहा है.
कहां से कहां तक बन रहा यह कॉरिडोर?
कैबिनेट द्वारा मंजूर NH-148AE द्वारका एक्सप्रेसवे (NH-248BB) पर स्थित शिव मूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे से ठीक पहले समाप्त होगा. इस हाइवे के बनने के बाद द्वारका और गुरुग्राम तक की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुपरफास्ट हो जाएगी. NHAI इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत डेवलेप कर रहा है. इसे बनने में करीब 5 साल का समय लगेगा.
The recently approved 8.1 km connectivity corridor, by the Union Cabinet, is set to ease traffic movement across the National Capital by providing a seamless link between Dwarka Expressway and Nelson Mandela Marg, Vasant Kunj.
— NHAI (@NHAI_Official) July 28, 2026
With a combination of elevated sections and a 3.14 km… pic.twitter.com/mH5hAj2tfd
क्या है इस कॉरिडोर की खासियत?
- यह हाई स्पीड कॉरिडोर 6-लेन का होगा, जिससे भारी ट्रैफिक भी आसानी से गुजर सकेगा.
- इससमें 6.3 किमी का मुख्य कैरिजवे, 3.14 किमी लंबी ट्विन ट्यूब टनल, 0.98 किमी लंबे टनल अप्रोच रैम्प्स, 2.556 किमी का एलिवेटेड रोड और 0.87 किमी का एट-ग्रेड रोड शामिल होगा.
- इस कॉरिडोर का करीब 2 किमी का हिस्सा दक्षिणी रिज वन क्षेत्र के नीचे से गुजरेगा.
- इस हिस्से का निर्माण एडवांस एडवांस टनल बोरिंग मशीन टेक्नोलॉजी से किया जाएगा.
- इससे पर्यावरण और वन क्षेत्र को बिना नुकसान पहुंचाए जमीन के नीचे सुरंग तैयार की जा सकेगी.
बदल जाएगी दिल्ली-NCR की तस्वीर
यह कॉरिडोर दिल्ली के कुछ सबसे बड़े ट्रैफिक जाम पॉइंट्स को पूरी तरह बायपास कर देगा. इसके अलावा इसके बनने के बाद IGI एयरपोर्ट तक सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. मुनिरका, वसंत कुंज और छतरपुर की तरफ से आने वाले यात्रियों को IGI एयरपोर्ट, द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम जाने के लिए पूरी तरह सिग्नल-फ्री रास्ता मिलेगा. वहीं पीक आवर्स में धौला कुआं, महिपालपुर, रंगपुरी और एयरोसिटी के पास लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी.
AIIMS से होगा कनेक्ट, नोएडा-गाजियाबाद कर कनेक्टिविटी
इस कॉरिडोर को भविष्य में AIIMS से कनेक्ट किया जाएगा. इसे प्रस्तावित AIIMS-महिपालपुर एलिवेटेड कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा. इसके जरिए यह टनल सीधे बारापुला एलिवेटेड रोड से कनेक्ट हो जाएगी, जिससे पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली का संपर्क सीधे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से बेहद तेज और सुगम हो जाएगा.
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