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जॉर्डन में US सैनिकों की मौत के बाद गुस्से से लाल ट्रंप, दुनिया भर में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया, कुवैत में फ्यूल सप्लाई डॉक को निशाना बनाया और बहरीन में एक डेटा सेंटर को नष्ट कर दिया.

जॉर्डन में US सैनिकों की मौत के बाद गुस्से से लाल ट्रंप, दुनिया भर में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका सैन्य अड्डों पर ड्रोन से हमला किया, इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए.
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जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए भीषण ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद अमेरिका भड़क उठा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा और आक्रामक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है. अमेरिकी हमलों से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, वहीं दुनिया भर में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

इस पूरे तनाव की शुरुआत जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए हमले से हुई. अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसके अलावा एक अमेरिकी सैनिक अभी भी लापता बताया जा रहा है.

'ईरान को कभी नहीं बनने देंगे परमाणु ताकत'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत को बेहद दुखद बताया. उन्होंने कहा, "जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर हमें बेहद नफरत और दुख होता है. इन सैनिकों ने देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है."

इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए अपने पुराने संकल्प को फिर दोहराया. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा.

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अमेरिका का ईरान पर ताबड़तोड़ हमला

जॉर्डन में अपने सैनिकों के खून का बदला लेने के लिए अमेरिका ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे ईरान पर धावा बोल दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांडर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "कमांडर-इन-चीफ (राष्ट्रपति) के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए और विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दो मुख्य उद्देश्य हैं. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को ईरान के खतरों से सुरक्षित करना. इसके अलावा, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के उन ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना, जिन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था."

अमेरिकी रक्षा विभाग अब ईरान के खिलाफ एक बड़े और व्यापक युद्ध स्तर के अभियान की तैयारी कर रहा है. जॉर्डन का यह हमला अब ईरान के खिलाफ अमेरिका के एक बहुत बड़े सैन्य अभियान का ट्रिगर पॉइंट बन चुका है.

दुनिया भर में अलर्ट

इस तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. इसमें साफ कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी नागरिक अत्यधिक सावधानी बरतें.

विदेश मंत्रालय ने खास तौर से चेतावनी दी है कि ईरान समर्थक आतंकवादी संगठन या ग्रुप दुनिया के किसी भी कोने में अमेरिकी हितों, दूतावासों या अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं. इसलिए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.

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