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टिम्मी आखिर बच गई... 40 दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही, हंपबैक व्हेल के फंसने और बचने की कहानी

वैज्ञानिक समुदाय ने कुछ चेतावनियां दी थीं कि यह जानवर के लिए अत्यधिक कठिन हो सकता है, मगर प्लान कामयाब हुआ. निजी पहल के सदस्य जेन्स श्वार्क ने बताया कि व्हेल को स्थानीय समयानुसार सुबह आज लगभग 9 बजे मुक्त कराया गया.

टिम्मी आखिर बच गई... 40 दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही, हंपबैक व्हेल के फंसने और बचने की कहानी
टिम्मी अब खुद तैर रही है.
  • टिम्मी को बचाने के लिए जर्मनी की सरकार, मीडिया और आम जनता ने व्यापक प्रयास और रेस्क्यू प्लान बनाया था
  • बाल्टिक सागर में कम नमक के कारण टिम्मी को त्वचा की गंभीर समस्या हुई, जिस पर जस्ता मरहम लगाया गया था
  • वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद निजी पहल से टिम्मी को सुरक्षित समुद्र में छोड़ने का प्रयास सफल रहा

जर्मनी के तट के पास फंसी एक हंपबैक व्हेल को शनिवार को डेनमार्क के तट से दूर उत्तरी सागर में एक नाव (बार) पर ले जाया गया और फिर छोड़ दिया गया. इसको बचाने के लिए जर्मन के आम लोगों से लेकर मीडिया और सरकार तक ने पूरा जोर लगाया. इसकी चर्चा इतनी रही कि जर्मन मीडिया ने इसका नाम "टिम्मी" रख दिया. इस व्हेल को सबसे पहले 23 मार्च को ल्यूबेक शहर के पास एक रेत के टीले पर फंसा हुआ देखा गया था. हालांकि, व्हेल ने खुद को मुक्त कर लिया, लेकिन फिर कई बार फंसी और आज अंतत: बचकर निकल गई.

बचाने के लोग उतरे सड़कों पर

'टिम्मी' को 23 मार्च को जर्मनी के बाल्टिक सागर तट के पास तैरते हुए देखा गया था, जो अटलांटिक महासागर में इसके प्राकृतिक आवास से काफी दूर है. तटीय शहर के पास उथले पानी में बार-बार फंसने के कारण ये जख्मी हो गई. खबर फैली तो जर्मनी के लोग इसे बचाने के लिए सड़कों पर उतर गए. कुछ लोगों ने अधिकारियों को ऑनलाइन धमकियां भी दीं. फिर टिम्मी को बचाने के लिए जर्मनी की सरकार ने रेस्क्यू प्लान बनाया. जैसे कैटमरैन (नाव) का इस्तेमाल, लेकिन फिर उसे इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि उससे टिम्मी के बचने की संभावना बहुत कम थी. टिम्मी को गहरे समुद्र की ओर ले जाने के असफल प्रयासों का दुनिया भर में सीधा प्रसारण किया गया.

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कई पाउंड जस्ता मरहम लगाया

हर बार बचाने की कोशिश में टिम्मी और अधिक घायल हो जाती थी और दुनिया भर के लोग चिंतित. टिम्मी की सांसें अनियमित हो जाती थी और वह अक्सर कई दिनों तक मुश्किल से हिल-डुल पाती थी. टिम्मी को बाल्टिक सागर में नमक की कम मात्रा के कारण त्वचा की गंभीर समस्या भी हो गई थी. इसके लिए बचाव दल ने उस पर कई पाउंड जस्ता मरहम लगाया. व्हेल के भाग्य को लेकर जनता की अत्यधिक रुचि को देखते हुए स्थानीय मीडिया ने कई दिनों तक लाइव प्रसारण किया. ऑनलाइन समाचार पत्रों ने टिम्मी के स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी भी लगातार जारी की.

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अब खुद तैर रही है

इसके बाद जर्मनी के मेक्लेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया राज्य के पर्यावरण मंत्री ने टिम्मी को बचाने के प्रयास को मंजूरी दे दी, जिसका प्रस्ताव एक निजी पहल द्वारा दिया गया था. हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय ने कुछ चेतावनियां दी थीं कि यह जानवर के लिए अत्यधिक कठिन हो सकता है, मगर प्लान कामयाब हुआ. जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, निजी पहल के सदस्य जेन्स श्वार्क ने बताया कि व्हेल को स्थानीय समयानुसार सुबह आज लगभग 9 बजे मुक्त कराया गया. बचाव अभियान की सदस्य कैरिन वाल्टर-मोम्मर्ट ने बताया कि व्हेल बाल्टिक तट पर विस्मर खाड़ी से सुबह लगभग 8:45 बजे (0645 जीएमटी) उस नाव से अलग हो गई, जिस पर उसे लाया गया था. उन्होंने कहा कि अब वह स्वतंत्र रूप से तैर रही है और कम से कम फिलहाल सही दिशा में जा रही है. 

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