टिम्मी को बचाने के लिए जर्मनी की सरकार, मीडिया और आम जनता ने व्यापक प्रयास और रेस्क्यू प्लान बनाया था बाल्टिक सागर में कम नमक के कारण टिम्मी को त्वचा की गंभीर समस्या हुई, जिस पर जस्ता मरहम लगाया गया था वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद निजी पहल से टिम्मी को सुरक्षित समुद्र में छोड़ने का प्रयास सफल रहा