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17 मिनट की कॉल, अंकल... थाईलैंड की PM पैतोंगटार्न शिनावात्रा को पद से क्यों हटाया? जानें आखिर हुआ क्या

शिनावात्रा की बर्खास्तगी के बाद थाईलैंड में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है. देश की अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर में फंस गई है. इस बीच सवाल ये भी है कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा. 

17 मिनट की कॉल, अंकल... थाईलैंड की PM पैतोंगटार्न शिनावात्रा को पद से क्यों हटाया? जानें आखिर हुआ क्या
पैतोंगटार्न शिनावात्रा थाईलैंड के पीएम पद से क्यों हटाई गईं.
  • थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा को संवैधानिक अदालत ने फोन कॉल विवाद के कारण पद से हटा दिया गया.
  • शिनावात्रा ने कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन से सीमा विवाद कम करने के लिए फोन पर बातचीत की थी.
  • फोन कॉल लीक होने पर देश में विवाद उत्पन्न हुआ और उन्हें नैतिक उल्लंघन के आरोप में जुलाई में बर्खास्त किया गया.
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थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा (PM Paetongtarn Shinawatra) पद से हटाई जा चुकी हैं. सरकारी की बागडोर अब उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री फुमथाम वेचायाचाई के हाथ में है. उनको कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. वह तब तक सत्ता संभालेंगे, जब तक संसद कोई नया प्रधानमंत्री नहीं चुन लेती.पैतोंगटार्न शिनावात्रा थाईलैंड की ऐसी पांचवीं प्रधानमंत्री हैं, जिनको साल 2008 के बाद संवैधानिक अदालत ने पद से हटाया है. उनसे पहले इस तरह की कार्रवाई चार अन्य के खिलाफ भी लिया जा चुका है. इस बीच सवाल यह है कि शिनावात्रा को आखिर पद से बर्खास्त क्यों कर दिया गया, आखिर उन्होंने ऐसा किया क्या था. डिटेल में जानिए.

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    पीएम पद से क्यो हटाई गईं  पैतोंगटार्न शिनावात्रा?

    थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने पैतोंगटार्न शिनावात्रा को पीएम के पद से हटाकर उनकी कैबिनेट को भी भंग कर दिया. देश की दूसरी महिला प्रधानमंत्री से एक छोटी सी चूक हुई और उनको इसकी इतनी बड़ी सजा भुगतनी पड़ी. उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया. मामला कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवाद से जुड़ा है. इस विवाद को कम करने और दोनों देशों के बीच शांति बहाली के मकसद से शिनावात्रा ने कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हून सेन को फोन किया था. हुआ उल्टा ही. दोनों के बीच की फोन कॉल लीक होते ही बवाल खड़ा हो गया. जिसके बाद जुलाई में उनको निलंबित कर दिया गया.

    शिनावात्रा-हुन सेन के बीच वो फोन कॉल

    लीक हुई कॉल के मुताबिक, शिनावात्रा ने हुन सेन को अंकल कह कर संबोधित किया था. उन्होंने उनके साथ काफी झुककर बातचीत भी की थी. बस इसी बात ने उनके लिए मुसीबत खड़ी कर दी. वैसे तो हुन सेन पैतोंगटार्न शिनावात्रा के पिता के अच्छे मित्र रहे हैं. ये ये बात भी संभव है कि इसी पुराने रिश्ते की वजह से उन्होंने हुन सेन से विनम्र तरीके से बात की हो. इतना ही नहीं उन्होंने हुन सेन को शांति बनाए रखने के लिए उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया था. हुन सेन ने दोनों देशों के बीच पारदर्शिता दिखाने के लिए उनके बीच की फोन कॉल को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया. उसके बाद देश में ऐसा बवाल उठा कि शिनावात्रा को अपना प्रधानमंत्री पद गंवाना पड़ गया.

    न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक,  जून में 36 सीनेटरों के एक समूह ने कंबोडिया के साथ सीमा मुद्दों पर एक लीक टेलीफोन बातचीत से जुड़े गंभीर नैतिक उल्लंघनों का आरोप लगाते हुए पैतोंगटार्न को पद से हटाने की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी. इसी पर कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए पैतोंगटार्न शिनावात्रा को जुलाई में पीएम पद से बर्खास्त कर दिया.

    थाईलैंड-कंबोडिया के बीच क्या है राजनीतिक संकट?

    दरअसल थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों से सीमा विवाद है. ये तनाव इस कदर बढ़ गया कि जुलाई में दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमला तक कर दिया. दोनों के बीच जमकर गोलियां चलीं. इसमें कई लोगों की मौत भी हो गई. हालात इतने खराब हो गए कि 1 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया. बता दें कि 28 मई 2025 को कंबोडिया के एक सैनिक की मौत सीमावर्ती क्षेत्र में हुई एक सैन्य झड़प के दौरान हो गई थी. इससे गु्साए
    कंबोडिया ने थाईलैंड पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे. शिनावात्रा दोनों देशों के बीच के तनाव को कम करना चाहती थीं.

    इस घटना के दो हफ़्ते बाद थाईलैंड की तत्कालीन पीएम पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने कंबोडिया के नेता को फोन किया था. शिनावात्रा ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के मकसद से ये फोन किया था. 17 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई थी. बस यही कॉल शिनावात्रा के करियर पर दाग बन गया. कोर्ट ने इसे नैतिकता को लेकर संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करार दिया. शिनावात्रा का कहना था कि दोनों के बीच बातचीत का मकसद सीमा पर चल रहे तनाव को कम करना था.

    कंबोडिया के नेता को अंकल कहना पड़ा भारी

    फोन कॉल लीक होते ही थाईलैंड के लोगों में गुस्सा शिनावात्रा पर फूट पड़ा. शिनावात्रा के आलोचकों का मानना है कि यहां लोग मर रहे हैं और वह कंबोडिया के नेता को अंकल कह रही हैं और बेवजह ही उनको इतना सम्मान दे रही हैं और उनके साथ इतनी विनम्रता से बात कर रही हैं. इतना ही नहीं बातचीत के दौरान उन्होंने सीमा विवाद संभालने वाले अपने ही एक सैन्य कमांडर की आलोचना भी की. शिनावात्रा का ये बतर्ताव उनको बिल्कुल भी पसंद नहीं आया. 

    शिनावात्रा ने सफाई में क्या कहा?

    लीक हुई फोन कॉल पर शिनावात्रा को हुन सेन से ये कहते हुए भी सुना गया कि अगर वह कुछ कहना चाहते हैं तो सीधे उनको बताएं. वह इसका ख्याल रखेंगी. इस बात पर जब बवाल उठा तो शिनावात्रा ने अपने बचाव में यही कहा कि ये बातचीत उनके नेगोशिएशन का तरीका थी. बता दें कि थाईलैंड और कंबोडिया कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे. लेकिन अब दोनों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं और तनाव का माहौल है.

    कौन बनेगा थाईलैंड का नया पीएम, रेस में कौन-कौन?

    शिनावात्रा की बर्खास्तगी के बाद थाईलैंड में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है.  देश की अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर में फंस गई है. इस बीच सवाल ये भी है कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा. बता दें कि साल 2023 के चुनाव पहले जिन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे, उनमें से पांच अब भी बाकी हैं.  मौजूदा हालात में ये उम्मीदवार पीएम पद के लिए दावेदारी ठोंक सकते हैं.

    • फ्यू थाई के उम्मीदवार और 77 साल के चाइकासेम नीतिसिरी, जो कि पूर्व न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल हैं. वह आगे आने के लिए वह रेडी हैं.
    •  पूर्व गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री 58 साल के अनुतिन चार्नविराकुल भी इस रेस में शामिल हैं. दरअसल उनकी भुमजैथाई पार्टी  जून में पैतोंगटार्न के गठबंधन से अलग हो गई थी.
    • मौजूदा ऊर्जा मंत्री पिरापन सलीरथविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्सनाविसित और पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा के नामों की चर्चा भी तेज है.

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