- संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि सीरिया में एक गुप्त न्यूक्लियर रिएक्टर लगभग बनकर तैयार था
- यह रिएक्टर परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक विखंडनीय सामग्री उत्पादन में सक्षम था, जो एक गंभीर खतरा था
- IAEA ने डेर एज़ोर में एक परमाणु रिएक्टर, फ्यूल फैब्रिकेशन प्लांट और यूरेनियम कचरा संग्रहित स्थल की खोज की
परमाणु हथियारों पर निगरानी रखने वाली संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था ने दावा किया है कि सीरिया परमाणु हथियार बनाने के बिल्कुल करीब था. मगर इससे पहले कि ये संभव हो पाता बशर-अल-असद के खिलाफ बगावत हो गई और उसे रूस भागना पड़ा. सीरिया में नई सरकार आने के बाद संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने जांच की तो उसके होश उड़ गए.
क्या मिला जांच एजेंसी को
UN की न्यूक्लियर निगरानी संस्था ने सोमवार को कहा कि पूर्व नेता बशर अल-असद के दौर में बनाया जा रहा एक अघोषित सीरियाई न्यूक्लियर रिएक्टर लगभग बनकर तैयार हो गया था. ये रिएक्टर किसी भी न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम होता है. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों ने पिछले महीने दो जगहों का दौरा किया. एक डेर एज़ोर में और दूसरी ऐसी जगह जिसका खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जिसके बारे में सीरियाई अधिकारियों ने उन्हें बताया था.
कितना खतरनाक था ये
लंबे समय तक शासन करने वाले असद को दिसंबर 2024 में सत्ता से हटा दिया गया, जिसके बाद मौजूदा इस्लामी सरकार सत्ता में आई. IAEA के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि यह साफ है कि पिछली सरकार कई गुप्त गतिविधियां चला रही थी. वियना स्थित एजेंसी की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की तिमाही बैठक शुरू करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं इरादों के बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन यह साफ है कि इन गतिविधियों की जानकारी नहीं दी गई थी; वे नहीं चाहते थे कि दुनिया को पता चले कि वे क्या कर रहे हैं. उस तरह के रिएक्टर की बनावट और तकनीकी विशेषताओं को देखते हुए, यह रिएक्टर विखंडनीय सामग्री (fissile material) बनाने में बहुत कुशल है, जिसका इस्तेमाल सीधे परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है." उन्होंने यह भी कहा कि इस रिएक्टर को बनाना एक बहुत महत्वपूर्ण कदम था.
73 टन प्राकृतिक यूरेनियम धातु
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि यह निर्माण के बहुत उन्नत चरण में था. इस बात की पूरी संभावना है और इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि उस समय सीरियाई अधिकारियों ने कुछ धमाके भी किए हों ताकि... जांच की किसी भी संभावना को रोका जा सके.देर एज़ोर (Deir Ezzor) साइट पर बन रहे परमाणु रिएक्टर के अलावा, IAEA को एक फ्यूल फैब्रिकेशन प्लांट (ईंधन बनाने का संयंत्र) भी मिला, जहां रिएक्टर के लिए परमाणु ईंधन बनाया जाता था, और एक ऐसी जगह भी मिली जहां परमाणु ईंधन के साथ-साथ यूरेनियम का स्क्रैप और कचरा रखा हुआ था. अपनी रिपोर्ट में, IAEA ने कहा कि उसे लगभग 73 टन प्राकृतिक यूरेनियम धातु मिली है.
कौन कर रहा था सीरिया की मदद
ग्रोसी ने उस गुप्त साइट की जानकारी देने के दमिश्क के साहसी फैसले की तारीफ की है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने 2011 में कहा था कि इस जगह पर परमाणु रिएक्टर होने की बहुत ज्यादा संभावना है, और यह भी कहा था कि उनकी जानकारी के अनुसार इसे उत्तर कोरिया की मदद से बनाया जा रहा था. सोमवार को ग्रॉसी ने कहा कि सीरिया फाइल पर फैसला करना IAEA बोर्ड का काम है और उन्हें अभी उत्तर कोरिया के साथ कथित संबंधों की आगे जांच करने का काम नहीं सौंपा गया है. AFP ने एक ड्राफ्ट प्रस्ताव देखा है, जिसे इस हफ्ते वोटिंग के लिए बोर्ड के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है; इसमें सीरिया की परमाणु फाइल को बंद करने का प्रस्ताव है. ग्रॉसी ने कहा कि IAEA सीरिया के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि सामग्री सुरक्षित रहे और अपनी रिपोर्ट देता रहे.
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