- भारतीय दूतावास मॉस्को में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में है और चंदन गुप्ता की रिहाई के लिए प्रयासरत है
- चंदन गुप्ता को नशे में होने और एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है
- यह मामला ऐसे समय में आया है जब रूस में भारतीयों को नौकरी के बहाने सेना में भर्ती करने की चिंताएं हैं
मॉस्को से एक भारतीय महिला की मदद की गुहार (SOS कॉल) पर नई दिल्ली ने प्रतिक्रिया दी है. महिला का आरोप है कि उसके पति को रूसी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि मॉस्को में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और उस भारतीय व्यक्ति की रिहाई के लिए काम कर रहा है.
महिला ने वीडियो में क्या कहा
यह प्रतिक्रिया तब आई जब मॉस्को में रहने वाली स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. अपनी अपील वाली वीडियो में महिला ने बताया कि उनके पति चंदन गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले एक इंजीनियर हैं. उन्होंने कहा कि उनका परिवार उनके पति के 'हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट' वीजा पर मॉस्को में रहता है, जो नोएडा स्थित उनकी कंपनी ने उन्हें दिलवाया था.
Sneha Gupta, who is currently living in Moscow with her 10-year-old son, has alleged that Russian police took her husband, Chandan Gupta, into custody and that he may be forcibly enlisted in the Russian army. Chandan, an engineer from Kanpur, Uttar Pradesh, had been working in… pic.twitter.com/E9iXlVFL6H
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) September 7, 2026
स्नेहा गुप्ता ने बताया कि रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे रूसी पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल में रखा गया है, जबकि उनके मुताबिक, उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था. महिला ने आगे आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान, पुलिस उसके पति पर यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाल रही थी. उसने दावा किया कि रूसी सेना में सैनिकों की कमी के कारण भारतीयों सहित विदेशी नागरिकों को जबरन देश की सेना में भर्ती करने की कोशिशें की जा रही हैं. बिना कोई सबूत दिए, गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने से पहले मॉस्को डे के आसपास पुलिस ने उसके पति को परेशान किया था. अपनी भावुक अपील में, महिला ने कहा कि उनका 10 साल का बेटा है और परिवार इस स्थिति से बहुत परेशान है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें और उसके पति की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करें.
असलियत में क्या है मामला
सूत्रों ने NDTV को बताया कि गुप्ता, भारतीय कंपनी 'फ्लेक्स फिल्म्स' की स्थानीय सब्सिडियरी 'फ्लेक्स फिल्म्स रस LLC' के कर्मचारी हैं. उन्हें 5 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे (स्थानीय समय) मॉस्को के रेड स्क्वायर इलाके से उनके एक दोस्त आशीष के साथ हिरासत में लिया गया. उन पर "नशे में होने और पास खड़ी एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने" का आरोप है. सूत्रों ने कहा, "फिलहाल उन्हें मॉस्को के बाउमानस्काया पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है. दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के सामने यह मामला उठाया है और उनकी रिहाई की मांग की है. साथ ही, कॉन्सुलर एक्सेस (दूतावास के अधिकारियों से मिलने की अनुमति) की भी मांग की गई है."
हालांकि, सूत्रों ने उन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की कि मॉस्को, गुप्ता को रूसी सेना में भर्ती करने की कोशिश कर रहा था. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीयों को नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाने और फिर रूसी सेना में भर्ती करने को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. इस महीने की शुरुआत में, विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 227 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था, जिनमें से 139 को सेवा से मुक्त कर दिया गया है, जबकि 51 की मौत हो चुकी है. मंत्रालय ने कहा कि भारत बाकी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सेवा से मुक्त कराने और उनकी वापसी के लिए रूसी पक्ष के साथ बातचीत कर रहा है. ये भी हो सकता है कि स्नेहा गुप्ता को पता ही नहीं हो कि उनके पति को हिरासत में क्यों लिया गया है और वो घबरा गई हों कि उनके पति को सेना में भर्ती के लिए उठाया गया है.
यह भी पढ़ें-
"महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी": त्रिशा विवाद के बाद CM विजय
भारत अपने लिए तेल खरीदता है, हमारी मदद के लिए नहीं: रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं