पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और चौंकाने वाली कामयाबी मिली है. अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार शांति समझौता हो गया है. इसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 'इस्लामाबाद एमओयू' नाम दिया है. इस ऐतिहासिक समझौते के बाद दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को तुरंत खोलने का फैसला किया गया है, जबकि अमेरिका भी ईरान पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से हटा रहा है.
इस पूरे समझौते में पाकिस्तान ने मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खोमेनेई की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने कूटनीति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाते हुए शांति के रास्ते को चुना है. इस कदम से एक बड़े वैश्विक संकट को टालने में मदद मिली है.
ईरान के पास भी बैलिस्टिक मिसाइलें होनी चाहिए... यह बयान ट्रंप ने दिया है
I am honoured to announce that the historic ‘Islamabad Memorandum of Understanding' has been electronically signed today between the United States of America and the Islamic Republic of Iran. The Memorandum has been signed by honourable Presidents of both the countries and also…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 18, 2026
फ्रांस के वर्साय पैलेस में ट्रंप ने किए दस्तखत
इस समझौते की पटकथा बीते कुछ दिनों से लगातार लिखी जा रही थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद फ्रांस के वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इसके तुरंत बाद ईरानी मीडिया में भी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वे कैमरे के सामने हस्ताक्षरित दस्तावेज की कॉपी हाथ में लिए नजर आ रहे थे.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच इस 'इस्लामाबाद एमओयू' पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दस्तखत हो चुके हैं और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है. अब इस समझौते को अंतिम रूप देने और इस पर औपचारिक हस्ताक्षर करने के लिए शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है. इसमें मुख्य मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान भी आधिकारिक रूप से साइन करेगा.
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