- G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 6 साल पुराना बयान याद दिलाया
- पत्रकार ने सवाल सीधा नहीं किया बल्कि ट्रंप को सीधा 2020 में उनके ट्वीट की बात पढ़कर सुना दी
- ट्रंप ने लिखा था- 'ईरान कभी युद्ध नहीं जीतता, लेकिन कभी वार्ता की मेज पर नहीं हारता'
अमेरिका-ईरान समझौते पर मुहर लग चुकी है, लेकिन इस डील को लेकर अमेरिकी सरकार की आलोचना भी हो रही है. कई विश्लेषकों का मानना है कि समझौते से ईरान को कहीं अधिक फायदा मिल रहा है. कुछ लोग उसे इस डील में मजबूत स्थिति में देख रहे हैं. ऐसे में फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की फायदे वाली डील करने की ताकत पर उनके ही छह साल पुराने बयान की याद दिला दी. सवाल ऐसा घुमाकर पूछा कि ट्रंप खुद घिर गए और झेंप गए.
आखिर पत्रकार ने ट्रंप को कैसे घेरा?
G7 शिखर सम्मेलन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फॉक्स न्यूज के पत्रकार पीटर डूसी ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा, "एक बुद्धिमान इंसान ने जनवरी 2020 में कहा था कि 'ईरान कभी युद्ध नहीं जीतता, लेकिन कभी वार्ता की मेज पर नहीं हारता.'"
इस पर राष्ट्रपति ने पूछा, "यह किसने कहा था?"
डूसी ने जवाब दिया, "डोनाल्ड ट्रंप ने"
झेंप के साथ हल्का मुस्कुराते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे लगा था कि आप यही कहने वाले हैं."
फिर शुरू हुआ ट्रंप का ताना
Reporter: A wise man once said, in January of 2020, 'Iran never won a war, but never lost a negotiation.'
— Clash Report (@clashreport) June 17, 2026
Trump: Who said that?
Reporter: Donald Trump.
Trump: Oh, that's what I thought you were going to say. pic.twitter.com/1MBY4oPHue
इसके बाद ट्रंप लगभग दो मिनट तक बोलते रहे. उन्होंने शुरुआत में ईरान का जिक्र किया, लेकिन फिर अचानक मीडिया पर हमला बोलने लगे. ट्रंप ने कहा, "उन्होंने (ईरान ने) सैन्य रूप से हार झेली, ठीक है? इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर ईरान यह भी कह दे कि खुदा कि रहमत से डोनाल्ड ट्रंप अब तक के सबसे महान राष्ट्रपति हैं, हम पूरी तरह झुकते हैं, हम पूरी तरह हार मानते हैं, यह युद्ध खत्म हो गया है, हम हार गए हैं, तो भी न्यूयॉर्क टाइम्स, CNN और कुछ अन्य मीडिया संस्थान यह कहेंगे कि ईरान ने बड़ी जीत हासिल की है.
ट्रंप ने कहा, "वे लगभग ऐसा ही करते हैं." इसके बाद ट्रंप ने ईरान की चर्चा छोड़कर मीडिया की आलोचना शुरू कर दी. उन्होंने कहा, "हमें निष्पक्ष मीडिया चाहिए. यही कारण है कि वे इतनी बुरी स्थिति में हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी विश्वसनीयता खो दी है... जब मैं भारी बहुमत से जीता, तब मेरे बारे में 93% खबरें नेगेटिव थीं. वे मेरी अच्छी खबरों को भी बुरी खबर बना देते हैं."
उन्होंने दावा किया कि मीडिया की विश्वसनीयता इतनी कम हो गई है कि लोगों ने मुझे वोट दे दिया.
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