- IPS किशन सहाय मीणा 31 जुलाई 2026 को रिटायर्ड हो गए.
- दुष्कर्म, मारपीट और धमकी के आरोप लगने के बाद उन्हें एपीओ कर दिया गया था.
- रिटायरमेंट से दो दिन पहले IPS किशन मीणा की एक पोस्ट ने फिर से उन्हें सुर्खियों में ला दिया.
IPS Kishan Sahay Meena: IG पद तक पहुंचने वाले राजस्थान के रिटायर्ड IPS अधिकारी किशन सहाय मीणा (Kishan Sahay Meena) एक बार फिर चर्चा में हैं. अपने बेबाक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले IPS किशन सहाय 31 जुलाई 2026 को रिटायर हो गए. रिटायरमेंट से पहले वह आईजी, मानवाधिकार के पद पर तैनात थे. हालांकि, मई 2026 में एक महिला की ओर से की गई शिकायत के बाद उन्हें एपीओ (Awaiting Posting Orders) कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें कोई नई पोस्टिंग नहीं मिली और वह एपीओ रहते हुए ही सेवानिवृत्त (रिटायर) हो गए. हालांकि, जिस दिन उनका रिटायरमेंट था, उससे ठीक 2 दिन पहले की सोशस मीडिया पोस्ट से वह फिर सुर्खियो में आ गए.
रिटायरमेंट से 2 दिन पहले सोशल मीडिया पोस्ट
IPS किशन सहाय मीणा जयपुर के जगतपुरा इलाके में किराए के मकान की तलाश कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया. उन्होंने मकान में कमरों की संख्या, मिलने आने वाले लोगों के लिए अलग कमरे और गाड़ियों की पार्किंग तक की जरूरत का जिक्र किया. उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "मुझे जयपुर के जगतपुरा इलाके में किराए पर मकान की जरूरत है, जिसमें तीन कमरे हों. एक कमरा मिलने वालों के लिए हो, जिसमें लेट-बाथ अटैच हों और मिलने आने वालों की दो-तीन गाड़ियों की पार्किंग के लिए भी जगह हो."
उन्होंने कहा कि मकान में उपरोक्त बातों से कुछ कमोबेशी होगी तो भी चलेगा. उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोगों ने उन्हें जयपुर के जगतपुरा और आसपास के इलाकों में उपलब्ध किराए के मकानों की जानकारी दी. कुछ यूजर्स ने मकान मालिकों के संपर्क और अलग-अलग लोकेशन के विकल्प भी साझा किए.
टोंक, अजमेर-जयपुर में रहे एसपी
IPS अफसर किशन सहाय मीणा अलवर में 10 जुलाई 1966 को पैदा हुए थे. उन्होंने बी.ई. (इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग) की डिग्री हासिल की है. किशन सहाय मीना का 2013 में RPS से IPS में प्रमोशन हुआ था. इसके बाद वह टोंक, अजमेर और जयपुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे. 2019 में किशन सहाय मीणा डीआईजी बने और जयपुर में तैनाती मिली. उनकी 07 जुलाई 2020 तक डीआईजी के रूप में काम किया और 31 दिसंबर 2021 में जयपुर में आर्म्ड बटालियन-1 में आईजी बनकर पहुंचे और 02 मार्च 2023 तक वहां पर रहे.
दुष्कर्म के आरोप पर हुए थे APO
2024 में झारखंड विधानसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए गए थे, लेकिन वह अपनी ड्यूटी पूरी किए बिना बीच में ही जयपुर लौट आए. जिसकी वजह से 15 नवंबर 2024 को सस्पेंड कर दिए गए. बाद में फिर से किशन सहाय मीणा को मानवाधिकार, पुलिस मुख्यालय जयपुर में आईजी के रूप में तैनाती मिली. जब 53 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म, मारपीट और धमकी के आरोप लगाए तो वह फिर से 02 मई 2026 को एपीओ कर दिए गए और अब APO रहते हुए रिटायर भी हो गए.

किन पर टिप्पणी की वजह से रहे चर्चा में
किशन सहाय मीणा अपने बयानों और विचारों को लेकर पहले भी कई बार चर्चा और विवादों में रहे हैं. उन्होंने भगवान, जीसस, अल्लाह और वाहेगुरु जैसी धार्मिक मान्यताओं को लेकर टिप्पणी करते हुए इन्हें अंधविश्वास और मनगढ़ंत बताया था. उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं. कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि धार्मिक संगठनों और अन्य लोगों ने इसका विरोध भी किया. उन्होंने प्रेमानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य और पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अंधविश्वासी करार दिया था. जिस मामले में IPS किशनसहाय मीणा को APO को किया गया था. वह एक 53 वर्षीय महिला से जुड़ा है.
महिला ने आईपीएस किशन सहाय मीणा पर दुष्कर्म, मारपीट और धमकी के आरोप लगाए थे. महिला का आरोप है कि उन्होंने उसे शादी का झांसा देकर अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां उसके साथ जबरदस्ती की. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और शिकायत न करने के लिए धमकाया गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया और बाद में वीडियो कॉल के जरिए उसे लगातार डराया-धमकाया. महिला ने सुरक्षा कारणों से दूसरे राज्य से डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, जिसके आधार पर आईपीएस किशन सहायमीणा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
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