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होर्मुज में फिर अशांति, 24 घंटे में तीन तेल टैंकरों पर हमला; कतर ने ईरान को सुनाया

पिछले वीकेंड पर ही कम से कम 108 जहाजों ने इस स्ट्रेट को पार किया था. ऐसे में इन हमलों से वैश्विक स्तर पर तेल की किल्लत और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.

होर्मुज में फिर अशांति,  24 घंटे में तीन तेल टैंकरों पर हमला; कतर ने ईरान को सुनाया
सांकेतिक तस्वीर
NDTV

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर से जहाजों पर हमले शुरू हो गए हैं.  इस रास्ते से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों पर मिसाइलों और ड्रोनों से बड़े हमले किए गए.  यूएन इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के आखिर के बाद से यह पहला मौका है जब एक ही दिन में इतने बड़े पैमाने पर जहाजों को निशाना बनाया गया है.

यह हमला ठीक उस वक्त हुआ है जब दुनिया भर के देश इस समुद्री रास्ते पर सामान्य आवाजाही बहाल करने और युद्ध के आर्थिक बोझ को कम करने की उम्मीद कर रहे थे.

सुलग उठा कतर का गैस टैंकर, ईरान पर शक की सुई

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) सेंटर के अनुसार, पहला हमला ओमान के तट के पास हुआ, जहां एक LNG टैंकर पर मिसाइल दागा गया. हमला जहाज के बाएं हिस्से पर उस वक्त हुआ जब वह स्ट्रेट से निकलकर ओमान की खाड़ी की तरफ दक्षिण की ओर बढ़ रहा था. हमले के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई.

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बिना कोई सीधा दावा किए कहा कि इस गैस टैंकर ने ईरान की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद इसे निशाना बनाया गया. सूत्रों के मुताबिक, यह टैंकर कतर का था और इसका नाम 'LNGC AL REKAYYAT' है. ये कतर से प्राकृतिक गैस लेकर जा रहा था. 

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ कहा कि इस हमले के लिए कानूनी रूप से पूरी तरह ईरान जिम्मेदार है.

ड्रोन से भी किया गया हमला

इस घटना के कुछ ही समय बाद दो और टैंकरों को निशाना बनाया गया. इनमें से एक पर ड्रोन से हमला हुआ. हालांकि, मैरीटाइम एजेंसी ने यह साफ नहीं किया है कि बाकी के दो जहाज हमले के वक्त सटीक रूप से किस लोकेशन पर थे.

गनीमत यह रही कि इन दोनों जहाजों को केवल आंशिक नुकसान पहुंचा है और किसी भी क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है. हमले के बाद कम से कम एक जहाज अपने रास्ते पर आगे बढ़ गया.

समुद्री रास्ते को लेकर ठनी रार

इस पूरे विवाद की जड़ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रूट है. ईरान का दावा है कि केवल उसके तरफ से मंजूर किया गया रूट ही सुरक्षित है. शक है कि ईरान उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो ओमान के तट के करीब वाले दूसरे वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस समय होर्मुज से गुजरने के दो नियम चल रहे हैं. 

  • उत्तर का रास्ता- जो जहाज उत्तर की ओर ईरान के रूट से जाते हैं, उन्हें तेहरान (ईरान) के पास रजिस्ट्रेशन कराना होता है.
  • दक्षिण का रास्ता- जो जहाज दक्षिण की ओर जाते हैं, वे ओमान और अमेरिकी नौसेना की देखरेख वाले रूट का इस्तेमाल करते हैं.

अमेरिकी नौसेना की निगरानी वाले एक बहुराष्ट्रीय निकाय ने सोमवार को ही जहाजों को आश्वस्त किया था कि ओमान के पास वाले रूट का दायरा बढ़ा दिया गया है और यह सभी के लिए खुला है. लेकिन ईरान ने पिछले गुरुवार को ही चेतावनी दी थी कि सभी टैंकरों को उसके तय रास्ते से ही जाना होगा, वरना अमेरिकी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब दिया जाएगा.

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