अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उन आरोपों के बारे में पूछेंगे, जिनमें कहा गया है कि रूस ने ईरान को सैटेलाइट से मिली खुफिया जानकारी दी, ताकि वह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके. ये आरोप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने लगाए थे और इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स में यह दावे किए गए थे.
वैसे भले डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों पर पुतिन से सवाल करने की बात कही, लेकिन साथ ही उन्होंने इसे ज्यादा अहमियत नहीं दी. उन्होंने कहा कि अगर रूस ने कोई मदद की भी होगी, तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा क्योंकि हाल ही में अमेरिका ने ईरान पर जो सैन्य कार्रवाई की, उससे उसे भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने कहा, "इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि हमने ईरान की हालत बहुत खराब कर दी है."
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस ने ऊंचे स्तर पर ऐसी कोई मदद दी है. लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सीधे पुतिन से बात करके सच्चाई जानेंगे.
जेलेंस्की ने लगाए आरोप
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया, जब जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन को ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिससे पता चलता है कि रूस ने खाड़ी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट से निगरानी की और बाद में ये तस्वीरें कथित तौर पर ईरान को भेज दी गईं. एक्स पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि जुलाई की शुरुआत से ही यूक्रेन ने खाड़ी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रूस की सक्रिय सैटेलाइट निगरानी (सर्विलांस) दर्ज की है.
जेलेंस्की ने आगे आरोप लगाया कि 19 और 20 जुलाई को रूस के सैटेलाइट ने चार सैन्य एयरबेस पर खास नजर रखी थी. इनमें दो बहरीन में, एक जॉर्डन में और एक कुवैत में था. उनका दावा है कि बाद में इस जानकारी का इस्तेमाल ईरान की सैन्य योजना बनाने में किया गया. जेलेंस्की ने कहा, "इसका मकसद बिल्कुल साफ है. दुनिया में हममें से किसी को भी इस आसान सच्चाई से आंखें नहीं मूंदनी चाहिए कि बुराई हमेशा हालात को और खराब करने और फैलाने का रास्ता ढूंढती है. रूस को रोका जाना चाहिए. इस युद्ध को खत्म होना चाहिए. हमलावर पर दबाव असरदार होना चाहिए."
इन आरोपों के बावजूद ट्रंप ने संकेत दिया कि फिलहाल वॉशिंगटन की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान के साथ बातचीत है. उन्होंने हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रोकने का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने फिर से बातचीत की इच्छा जताई है. ट्रंप ने कहा, "उन्होंने हमसे बहुत विनम होकर कहा कि प्लीज हमला रोकिए. आइए मिलकर बात करते हैं. अभी हम उसी स्थिति में हैं. देखते हैं आगे क्या होता है. अगर समझौता नहीं हुआ, तो हम फिर पहले जैसी कार्रवाई करेंगे."
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