- अखिलेश यादव ने एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा
- उन्होंने कहा कि सरकार ने 2024 में भी बिल लेकर आई थी उसके बाद नीट परीक्षा लीक कैसे हो गया?
- अखिलेश ने आरोप लगाया कि आज नौकरियों की संख्या में कमी आ गई है
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आज एंटी पेपर लीक संशोधन कानून पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सरकार के घेरते हुए कहा कि मजाक-मजाक में बना दल कितना बड़ा और लोकतांत्रिक हो गया कि इस सरकार को उसे धरने पर बैठने की अनुमति दी गई. उन्होंने कहा कि मैं ऐसे नौजवानों को बधाई देता हूं जिन्होंने सरकार को झुका दिया और केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा हो गया.
छात्रों ने सरकार को झुका दिया
अखिलेश ने लोकसभा में अपनी चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं आंदोलन को बहुत दूर से देख रहा था. उन्होंने कहाकि उस आंदोलन में जो जीत के बाद नारा लगा, एक नारा था जो सरकार के खिलाफ लगा था. उन्होंने कहा कि सरकार को ये अहंकार था कि सरकार झुकती नहीं. लेकिन उन नई पीढ़ी के लिए लोगों ने नारा दिया झुकाने वाला चाहिए सरकार झुकती है. अखिलेश ने कहा कि मुझे यकीन है कि प्रदर्शनकारियों की मांग सरकार मानेगी, जिसमें कहा गया नीट के कारण सुसाइड करने वाले बच्चों के परिजनों को मुआवजा देगी.
बीजेपी नकारात्मक राजनीति करती है
अखिलेश ने कहा कि ये सरकार पिछले कई सालों से नकारात्मक राजनीति करती थी. कितने हजार करोड़ खर्च किए थे नकारात्मक प्रचार के लिए. जिस तरह से नई पीढ़ी ने प्रचार किया उसके कारण सरकार को झुकना पड़ा. भाजपा वचन नहीं देती, जुमला देती है. मुझे उम्मीद है कि सभी युवा नौजवानों को जो मांग की है उन्होंने उन सभी मांगों को स्वीकार करेगी. बिल तो आप 2024 में लेकर भी आए थे. उसके बाद भी नीट परीक्षा लीक क्यों हो गया.
जौहर यूनिवर्सिटी का भी उठाया मुद्दा
अखिलेश ने आरोप लगाया कि जब से बीजेपी की सरकार आई है. तब से नफरत की राजनीति कर रही है. उत्तर प्रदेश में एक स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बनी मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी. यूनिवर्सिटी बनकर तैयार हो गई. इन्होंने कोई सरकारी यूनिवर्सिटी नहीं बनाई. अगर कोई प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन भी गई है तो उसको ये लोग हथौड़ा लेकर तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
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