- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए
- उन्होंने प्रधान के इस्तीफे के बाद उनके शानदार स्वागत पर सवाल करते हुए पूछा कि यह सम्मान क्यों किया गया
- गौरव गोगोई ने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या की, फिर भी शिक्षा मंत्री का सम्मान किया गया
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार को घेरते हुए कई सवाल पूछे.उन्होंने इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का शानदार स्वागत किए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि उनका सम्मान क्यों किया गया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बिल के संसोधन को पढ़कर यह तय है कि यह सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. यह बिल केवल दिखावे का बिल है.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह बिल 2 साल पहले आया था, तब भी इसमें कुछ नहीं किया गया था. मंत्री ने दावा किया है कि पेपर लीक लेकर सुधार हुआ है, उसमें बड़े-बड़े दावे हुए हैं. गौरव गोगोई ने कहा कि यह बिल सरकार की विफलता है. अगर आप 2024 में बिल लाए तो फिर 2026 में पेपर लीक कैसे हुआ. तब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे. तब भी उन्होंने कहा था कि पेपर लीक नहीं हुई है. इस बार भी ढाई महीने तक वह अड़े रहे.
आपने धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान किया
कांग्रेस सांसद ने कहा कि नीट पेपर लीक की वजह से 21 छात्रों ने आत्महत्या की और आपने धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान किया. उन्होंने गोपाल दास नीरज की कविता को लोकसभा में दोहराया.
स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से,
लूट लिये बाग के सिंगार सब फूल से,
हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे,
कारवां गुज़र गया ग़ुबार देखते रहे...
बच्चों ने याद दिलाया कि लोकतंत्र जिंदा है
गौरव गोगोई ने कहा कि उन बच्चों को बधाई, जिन्होंने याद दिलाया कि लोकतंत्र जिंदा है और सवाल पूछना हमारा मौलिक अधिकार है. बेटियों ने कहा कि जंतर मंतर ऐसी जगह है, जहां वो सुरक्षित महसूस करती है. किसी ने गलत शब्द बोले तो उसका हम समर्थन नहीं करते हैं. धन्यवाद है वकीलों का, स्वीगी का जिसने खाना पहुंचाया, हमने इंसानियत देखी और लोकतंत्र की ताकत देखी. लेकिन वहीं हमने पैलेट गन की तस्वीर देखी, लड़की को तमाचा मारा, लाठी मारी. जिसने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया, लाठी चलाने का आदेश दिया, इस पर गृह मंत्री का हम जवाब चाहते हैं. पुलिस जब हौसले को कुचल नहीं पाई तब ये बिल लाया गया है.
2024 के 45 आरोपियों में 44 को मिली बेल
गौरव गोगोई ने सरकार के संसोधन बिल पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कहती है कि यह बिल ऐतिहासिक है. लेकिन यह बिल 2024 में आया था. उसके बाद पेपर लीक हुई. लेकिन उसके बाद 45 आरोपी मिले, लेकिन 44 को बेल मिल चुकी हैं. मास्टरमाइंड 11 महीने तक फरार रहा. वह 2025 में गिरफ्तार हुआ. लेकिन उसे भी बेल मिल गई.
पेनल्टी पनिशमेंट बढ़ाने से शिक्षा नहीं सुधरेगी
गौरव गोगोई ने कहा कि आप शिक्षा के माध्यम से इस पीढ़ी के लोगों को आने वाली चुनौतियों के लिए नहीं, अपनी पार्टी का वोटर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं. देशभर के माता-पिता ने अपने बच्चों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए भेजा. एक मां ने आशीर्वाद के साथ बच्चों को जंतर-मंतर भेजा. जबकि जेएनयू और डीयू ने बच्चों को न जाने को कहा. क्या हम ऐसे आने वाली चुनौतियों के लिए भारत का निर्माण करेंगे. पूरे घटनाक्रम से एक बात निकलती है कि पेनल्टी पनिशमेंट बढ़ाने से शिक्षा नहीं सुधरेगी.
भूख हड़ताल और पुलिस की लाठी खाने का साहस किसी में नहीं
कांग्रेस सांसद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान तो सिर्फ एक सिंबल है. बच्चों को इस बात पर विश्वास नहीं है कि उनको हटाने से शिक्षा में सुधार आएगा. आज शिक्षा के विषय पर सभी दल-संगठन और इनसे अलग युवा सड़क पर आ गए हैं, उनके दर्द को समझना चाहिए. भूख हड़ताल और पुलिस की लाठी खाने का साहस किसी में नहीं होता, ये साहस दर्द से आता है.
लोग लाठी खाने जंतर-मंतर पर पहुंचे
गौरव गोगोई ने विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डर गायब हो गया. 20 जुलाई की रात 10 बजे लोग प्रोटेस्ट में पहुंचे. उन्होंने सोचा कि मैं भी एक लाठी खा लूंगा. इन लोगों ने हमें याद दिलाया कि लोकतंत्र है. बहुत लोगों ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गलत शब्द कहे गए., मैं उन शब्दों का समर्थन नहीं करता. लेकिन उन शब्दों को भी याद करना चाहिए जो उन बच्चों ने याद दिलाए.
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