कोलंबो:
श्रीलंकाई सेना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने सेना को क्लिन-चिट देते हुए कहा है कि गृह युद्ध के अंतिम चरण में सैन्य अभियान के दौरान हुई लोगों की हत्या ‘लिट्टे के गैर-कानूनी कदमों का नतीजा हो सकती’ है।
रिपोर्ट में लिट्टे के युद्ध अपराधों को रोकने में असफल रहने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना भी की गई है। यह जांच रिपोर्ट बुधवार को शीर्ष रक्षा अधिकारी रक्षामंत्री गोटाभया राजपक्षे को सौंपी गई।
यही रिपोर्ट सेना प्रमुख जगत जयसूर्या को फरवरी में सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट का मुख्य फोकस ब्रिटिश टीवी ‘चैनल 4’ में दिखाई गई कथित हत्याएं हैं।
‘चैनल 4’ में दिखाए गए वृतचित्र में उसने कहा था कि श्रीलंका की सेना द्वारा भारी हथियारों का उपयोग किए जाने से बड़ी संख्या में गैर-सैनिक आबादी मारी गई है।
रिपोर्ट में लिट्टे के युद्ध अपराधों को रोकने में असफल रहने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना भी की गई है। यह जांच रिपोर्ट बुधवार को शीर्ष रक्षा अधिकारी रक्षामंत्री गोटाभया राजपक्षे को सौंपी गई।
यही रिपोर्ट सेना प्रमुख जगत जयसूर्या को फरवरी में सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट का मुख्य फोकस ब्रिटिश टीवी ‘चैनल 4’ में दिखाई गई कथित हत्याएं हैं।
‘चैनल 4’ में दिखाए गए वृतचित्र में उसने कहा था कि श्रीलंका की सेना द्वारा भारी हथियारों का उपयोग किए जाने से बड़ी संख्या में गैर-सैनिक आबादी मारी गई है।
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