
- शंघाई सहयोग संगठन की समिट में तियानजिन में PM मोदी सहित कई राष्ट्राध्यक्षों ने समूह फोटो में हिस्सा लिया.
- PM मोदी ने मालदीव, नेपाल, बेलारूस और मिस्त्र के नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात कर संबंधों पर चर्चा की.
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति हुई.
PM Modi in SCO Summit in China: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लेने चीन पहुंचे सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ग्रुप फोटो सामने आ गई है. इसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित अन्य सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ एक मंच पर नजर आ रहे हैं. मंच पर मेजबान राष्ट्राध्यक्ष शि जिनपिंग सबसे सेंटर में नजर आए, उनके ठीक बगल में रूस के राष्ट्रपति पुतिन थे. फिर दो नेताओं के बाद पीएम मोदी तो दूसरी तरफ से 3 नेताओं के बाद शहबाज शरीफ खड़े नजर आए.

SCO समिट की ग्रुप फोटो में पहली पंक्ति में पीएम मोदी
SCO समिट की ग्रुप फोटो में पहली पंक्ति में इन चार देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन भी नजर आए. ग्रुप फोटो से पहले भारत सहित एससीओ के अन्य सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मेजबान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी से हाथ मिलाए. जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच हुई हैंडशेक का वीडियो भी सामने आया है.
मालदीव, नेपाल, मिस्त्र और बेलारूस के राष्ट्राध्यक्षों से भी मिले PM मोदी
एससीओ समिट में ग्रुप फोटो सेशन के दौरान ही पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और मिस्त्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से भी बेहद गर्मजोशी से मुलाकात की. इन नेताओं से पीएम मोदी की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई है.
SCO समिट के दौरान पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू से बातचीत की. इस दौरान मोदी ने कहा- मालदीव के साथ भारत का विकासात्मक सहयोग हमारे लोगों के लिए खास है.

नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. ओली से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा- के.पी. ओली से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई. नेपाल के साथ भारत के संबंध बहुत गहरे और विशेष हैं.
SCO समिट से इतर जिनपिंग और मोदी की बैठक भी हुई
इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पीएम मोदी की एक बैठक भी हुई. जिसके बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई. पीएम मोदी ने इस मुलाकात से संबंधित तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया.

मोदी-जिनपिंग की बैठक में सीमा पर शांति और स्थिरता पर बात
पीएम मोदी ने लिखा, "एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सार्थक बैठक हुई. हमने कजान में पिछली बैठक के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की. हमने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई और पारस्परिक सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई."
इससे पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर कर इस बैठक में उठाए गए मुद्दों के बारे में जानकारी दी थी.
विदेश मंत्रालय ने कहा- मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अक्टूबर 2024 में कजान में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक प्रगति और स्थिरता का स्वागत किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश विकास साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं और मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए.
दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत और चीन के 2.8 अरब लोगों के बीच आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता पर आधारित स्थिर संबंध और सहयोग विकास के साथ-साथ 21वीं सदी के रुझानों के अनुरूप बहुध्रुवीय विश्व और बहुध्रुवीय एशिया के लिए आवश्यक है.
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