- ऑस्कर पुरस्कार विजेता पावेल तालांकिन की ट्रॉफी न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे से गायब हो गई
- अमेरिकी टीएसए अधिकारियों ने ट्रॉफी को हथियार समझकर विमान में ले जाने से मना कर दिया और कार्गो में भेजने को कहा
- जर्मनी पहुंचने पर तालांकिन को ट्रॉफी नहीं मिली, लेकिन बाद में लुफ्थांसा एयरलाइन ने इसकी बरामदगी की पुष्टि की
ऑस्कर पुरस्कार विनिंग डॉक्यूमेंट्री ‘मिस्टर नोबडी अगेंस्ट पुतिन' के सह-निर्देशक और रूसी फिल्म निर्माता पावेल तालांकिन की ट्रॉफी न्यूयॉर्क हवाई अड्डे से गुम हो गई. सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें ऑस्कर ट्रॉफी के साथ यात्रा करने से रोक दिया था. उन्होंने इसे हथियार जैसा समझ लिया था, जिसके बाद ट्रॉफी को सामान के साथ भिजवाने की बात कही थी. हालांकि अब जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने पावेल तालांकिन से माफी मांगी है और बताया है कि उनका खोया हुआ अवॉर्ड मिल गया है.
फिल्म उद्योग की समाचार वेबसाइट डेडलाइन के अनुसार, तालांकिन को बुधवार को जेएफके हवाई अड्डे पर ट्रॉफी ले जाने से रोक दिया गया था. अमेरिकी परिवहन सुरक्षा प्रशासन (टीएसए) के अधिकारियों ने उनसे कहा कि उन्हें लगता है कि इसका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता है और उन्हें इसे एक डिब्बे में रखकर कार्गो में जमा कराना पड़ा. हालांकि जर्मनी में विमान से उतरने पर वो ट्राफी उन्हें नहीं मिली.
हालांकि एयरलाइन ने ये नहीं बताया कि पुरस्कार कैसे गुम हुआ, बल्कि ये कहा कि "इस घटना की आंतरिक समीक्षा अभी जारी है." उन्होंने कहा, "हमें हुई असुविधा के लिए गहरा खेद है और हमने ट्रॉफी के मालिक से माफी मांग ली है."

एकेडमी अवॉर्ड में बेस्ट फीचर डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार जीतने वाली फिल्म ‘मिस्टर नोबडी अगेंस्ट पुतिन' में मुख्य भूमिका निभाने वाले तालांकिन ने बताया कि बुधवार को जॉन एफ केनेडी हवाई अड्डे पर एक अधिकारी ने उनसे कहा कि इस लगभग 3.8 किलोग्राम वजनी ट्राफी को विमान में अपने साथ नहीं रख सकते. उन्होंने कहा कि मार्च में ऑस्कर जीतने के बाद से वह बिना किसी घटना के एक दर्जन से अधिक बार ट्रॉफी के साथ हवाई यात्रा कर चुके हैं.
लुफ्थांसा की उड़ान से गुरुवार सुबह जर्मनी के फ्रैंकफर्ट पहुंचे तालांकिन ने कहा, ‘‘यह बात पूरी तरह से समझ से परे है कि वे ऑस्कर (ट्रॉफी) को हथियार कैसे मानते हैं. मैंने इसे अपने साथ कैबिन में लेकर यात्रा की है, और कभी कोई समस्या नहीं हुई.'' उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी प्वाइंट पर मौजूद लुफ्थांसा एयरलाइन के एक एजेंट ने उन्हें गेट तक ले जाने और उड़ान के दौरान पूरे समय के लिए ट्राफी को रखने की पेशकश की, लेकिन सुरक्षा अधिकारी ने इनकार कर दिया.
अपने सामान की पहले ही जांच करा चुके फिल्म निर्माता को एयरलाइन अधिकारियों ने कार्टन का एक डिब्बा दिया और फिर दो एजेंटों ने ऑस्कर ट्रॉफी को ‘बबल रैप' में लपेटा और उसे ट्रांसपोर्टेशन के लिए ले गए. इस पूरी प्रक्रिया को तालांकिन ने अपने फोन में रिकॉर्ड किया. हालांकि, जब फिल्म निर्माता फ्रैंकफर्ट पहुंचे, तो उन्हें वह डिब्बा कहीं नहीं मिला.
रूस में शिक्षक रहे पावेल तालांकिन यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूसी स्कूलों पर राष्ट्रवादी और सैन्यवादी पाठ्यक्रम थोपने के क्रेमलिन के आदेश का उल्लंघन करने के बाद निर्वासन में रह रहे हैं. मार्च में ही बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का ऑस्कर मिलने के बाद से रूस ने तालांकिन को विदेशी एजेंट घोषित करके प्रतिबंध लगा दिया है. रूसी अदालत ने डॉक्यूमेंट्री भी बैन कर दी है.
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