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This Article is From Dec 21, 2024

रूस के कजान में ड्रोन से 9/11 जैसा हमला, बहुमंजिला इमारतों को बनाया गया निशाना

रूस के कजान शहर में आज ड्रोन से हमले किए गए हैं और बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया गया है. इस हमले का एक वीडियो सामने आया है.

रूस के कजान में किया गया बड़ा हमला.
मॉस्को:

रूस के कजान में ड्रोन से 9/11 जैसा हमला किया गया है. राजधानी मॉस्को से 720 किलोमीटर दूर कजान में 6 इमारतों को निशाना बनाया गया है. सामने आई जानकारी के अनुसार 8 ड्रोन से हमले किए गए. एक ड्रोन के हमले को नाकाम किया गया है. ड्रोन हमले के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय का बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है- एक यूक्रेनी ड्रोन को नाकाम किया गया. इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें एक ड्रोन इमारत से टकराते हुए नजर आ रहा है. दूसरी ओर यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई के लिए रूस भेजे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों ने यूक्रेनी ड्रोनों का पता लगाने के लिए और अधिक निगरानी चौकियां स्थापित की हैं. यूक्रेन की सैन्य खुफिया सेवा ने यह जानकारी दी है. ऐसी खबरें हैं कि उत्तर कोरियाई सेना को युद्ध में भारी नुकसान हुआ है.

यूक्रेन की रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईयू) ने मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर यह खुलासा किया था, जब अमेरिका ने पहली बार पुष्टि की कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी सेना के साथ-साथ उत्तर कोरिया को भी 'काफी' नुकसान हुआ है. डीआईयू के बयान में कहा गया था, "गंभीर नुकसान झेलने के बाद, डीपीआरके (उत्तर कोरिया) की इकाइयों ने यूक्रेन के सुरक्षा और रक्षा बलों के ड्रोन का पता लगाने के लिए अतिरिक्त निगरानी चौकियां स्थापित करनी शुरू कर दी." पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र कुर्स्क में रूस अब भी उत्तर कोरियाई सैनिकों का उपयोग कर रहा है.

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, "कुर्स्क क्षेत्र में उत्तर कोरियाई सेना के कर्मियों द्वारा लगातार हमला करने वाले समूहों का जमा होना यह दर्शाता है कि मॉस्को आक्रामक कार्रवाइयों की गति को खोना नहीं चाहता है." 

100 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे

दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने गुरुवार को सांसदों को बताया था कि रूस भेजे गए कम से कम 100 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं. वहीं, करीब 1,000 के घायल होने का अनुमान है. राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने मरने वालों में ज्यादातर के लिए इस तथ्य को जिम्मेदार ठहराया कि उत्तर कोरियाई सैनिकों का ड्रोन के साथ उनके अनुभव की कमी के कारण 'अपरिचित युद्धक्षेत्रों' में अग्रिम पंक्ति के हमलावर बलों के रूप में 'उपयोग' किया जा रहा है.

एनआईएस के अनुसार, कुर्स्क सीमा क्षेत्र में तैनात अनुमानित 11,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों में से कुछ को वास्तविक युद्ध में भेजा गया था.

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