- जांच में टिन्नू यादव की भूमिका पहले से अधिक स्पष्ट होकर आई सामने
- टिन्नू के पास मंदिर प्रबंधन की हर संवेदनशील जानकारी रहती थी
- एसआईटी ने भर्ती प्रक्रिया को चोरी की सबसे बड़ी वजहों में शामिल किया है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत जांच में टिन्नू यादव की भूमिका पहले से अधिक स्पष्ट होकर सामने आई है. टिन्नू यादव ट्रस्ट की आधिकारिक लिखापढ़ी का हिस्सा नहीं था, लेकिन वह प्रबंधन में चंपत राय के साथ बराबरी से काम देख रहा था.
एसआईटी ने बिना नाम लिए संकेत दिया कि टिन्नू के पास मंदिर प्रबंधन की हर संवेदनशील जानकारी रहती थी और उसकी हर स्तर तक पहुंच थी. जांच में सामने आया कि हुंडियों (दान पात्रों) की चाबियां भी टिन्नू यादव के पास रहती थीं, जिसके लिए चंपत राय को परोक्ष रूप से जिम्मेदार माना गया है.
भर्ती प्रक्रिया चोरी की सबसे बड़ी वजहों में शामिल
एसआईटी ने भर्ती प्रक्रिया को चोरी की सबसे बड़ी वजहों में शामिल किया है. जिन गणनाकर्मियों की गिरफ्तारी हुई, वे आउटसोर्स हाउसकीपिंग कर्मचारी थे, जिनसे चढ़ावे की गिनती कराई जा रही थी. जांच के अनुसार, इन कर्मचारियों की भर्ती ट्रस्ट पदाधिकारियों की सिफारिश पर हुई और इसमें नियमों का पालन नहीं किया गया. एसआईटी ने माना कि एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के नियमों को कमजोर किए जाने से चोरी की गुंजाइश बनी. विस्तृत जांच रिपोर्ट जमा करने की 15 जुलाई की समयसीमा पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट लगभग तैयार है. रिपोर्ट कभी भी सरकार को सौंपी जा सकती है.
प्रारंभिक रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने और नए सीईओ की नियुक्ति की सिफारिश की गई थी, जिस पर कार्रवाई जारी है. उन्हें मंदिर प्रबंधन में लापरवाही और निगरानी में नाकामी का जिम्मेदार माना गया है क्योंकि पूरा प्रबंधन उनके अधीन था. एसआईटी ने आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है, क्योंकि पुलिस की विवेचना अभी जारी है. जांच में एसओपी में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया की अनियमितताओं के लिए ट्रस्ट के वरिष्ठ को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं