पीएम मोदी ने विदेश यात्रा के लिए वैक्सीन विवाद खत्म करने को फार्मूला QUAD बैठक में सुझाया

मार्च में क्वाड देशों भारत-अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की किसी भी महामारी की स्थिति से निपटने के लिए पहली संयुक्त वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला बनाने का फैसला किया था. तब तय हुआ था कि ये टीके अमेरिका में विकसित किए जाएंगे और भारत में निर्मित होंगे, जबकि जापान और अमेरिका द्वारा वित्तपोषित होंगे

पीएम मोदी ने विदेश यात्रा के लिए वैक्सीन विवाद खत्म करने को फार्मूला QUAD बैठक में सुझाया

पीएम मोदी ने क्वाड लीडर्स समिट में कहा, "हमारी क्वाड वैक्सीन पहल इंडो-पैसिफिक देशों की मदद करेगी."

वॉशिंगटन:

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने क्वाड (Quad) नेताओं की बैठक में COVID​​​​-19 टीकाकरण प्रमाण-पत्र की पारस्परिक मान्यता को शामिल करते हुए एक आम अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रोटोकॉल का प्रस्ताव रखा है, जिसे सभी भागीदार देशों ने अच्छी तरह से सुना. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा, प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव को क्वाड राष्ट्रों के सभी नेताओं द्वारा "अच्छी तरह से प्राप्त" किया गया. गौरतलब है कि वैक्सीनेशन के बावजूद कई देशों में वैक्सीन को मान्यता न मिलने के कारण विदेश यात्रा में दिक्कतें आ रही हैं. लंबे समय तक ब्रिटेन ने भी भारत की कोविशील्ड वैक्सीन को मान्यता नहीं दी और अब वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर सवाल उठा दिए हैं.

श्रृंगला ने एक विशेष ब्रीफिंग में कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी ने COVID-19 टीकाकरण प्रमाण-पत्र की पारस्परिक मान्यता को शामिल करते हुए एक सामान्य अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रोटोकॉल का प्रस्ताव रखा था. इसे सभी क्वाड नेताओं द्वारा अच्छी तरह से प्राप्त किया गया."

अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर आए प्रधान मंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पहली द्विपक्षीय वार्ता की और उसके बाद   क्वाड लीडर्स समिट में भाग लिया. इस बैठक में प्रधान मंत्री मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा ने हिस्सा लिया. मीटिंग की मेजबानी अमेरिकी नेता ने की थी.

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क्वाड समिट में अपनी शुरुआती टिप्पणी में, प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि क्वाड वैक्सीन पहल से इंडो-पैसिफिक देशों को मदद मिलेगी क्योंकि दुनिया COVID-19 से जूझ रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया कोविड-19 से जूझ रही है और क्वाड सदस्य मानवता के हित में एक बार फिर साथ आए हैं.

मार्च में क्वाड देशों भारत-अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की किसी भी महामारी की स्थिति से निपटने के लिए पहली संयुक्त वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला बनाने का फैसला किया था. तब तय हुआ था कि ये टीके अमेरिका में विकसित किए जाएंगे और भारत में निर्मित होंगे, जबकि जापान और अमेरिका द्वारा वित्तपोषित होंगे और इंडो-पैसिफिक देशों में आपूर्ति के लिए ऑस्ट्रेलिया द्वारा लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जाएगा.

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पीएम मोदी ने क्वाड लीडर्स समिट में कहा, "हमारी क्वाड वैक्सीन पहल इंडो-पैसिफिक देशों की मदद करेगी. क्वाड ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है. मुझे अपने दोस्तों के साथ चर्चा करने में खुशी होगी-चाहे वह आपूर्ति श्रृंखला, वैश्विक सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई हो या COVID महामारी पर तकनीकी सहयोग की बात हो."

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उन्होंने कहा, "मैं पहली व्यक्तिगत क्वाड बैठक के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन का आभार व्यक्त करता हूं. 2004 की सुनामी के बाद पहली बार चार देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मदद के लिए एक साथ आए. आज जब दुनिया COVID-19 से जूझ रही है. क्वाड सदस्य होने के नाते हम मानवता के हित में एक बार फिर साथ आए हैं."