इस्लामाबाद:
लंदन में स्वनिर्वासित जीवन बिता रहे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि वह जनवरी में स्वदेश लौटेंगे। इससे पहले मुशर्रफ ने सितंबर में कहा था कि वह मार्च 2012 में स्वदेश लौटेंगे। मुशर्रफ आतंकवाद रोधी अदालत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को बचाने में असफल रहने के आरोपों के लिए वांछित हैं। समाचार पत्र 'द नेशल डेली' ने सोमवार को बताया कि लंदन से रविवार को जारी अपने 32 मिनट के वीडियो संदेश में मुशर्रफ राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बीमारी, देश की अर्थव्यवस्था, आतंकवाद एवं नाटो हमले पर विशेष बल दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की स्थापना की है। मुशर्रफ ने कहा कि पाकिस्तान कठिन दौर से गुजर रहा है और देश इस समस्या का सामना चुने हुए 'विश्वसनीय एवं बुद्धिमान' नेताओं के बूते कर सकता है। नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने को खतरनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 'पूरी तरह बेतरतीब' हो गई है और ऊर्जा संकट के कारण फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। पत्र के अनुसार मुशर्रफ ने कहा कि यदि वह सत्ता में आए तो देश के चरमपंथी तत्वों से वार्ता की शुरुआत करेंगे। उन्होंने बीबीसी से कहा, "यदि ऐसा राजनीतिकरण होता है कि न्यायालय उत्तेजित होकर मुझे गिरफ्तार करने का आदेश देता है, जिसकी मुझे सम्भावना नहीं लगती है। फिलहाल उन्हें मुझे गिरफ्तार करने दो। मैं वापस लौटूंगा।"
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परवेज मुशर्रफ, पाकिस्तान