इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (International Consortium of Investigative Journalists) मीडिया कंसोर्टियम द्वारा रविवार को प्रकाशित जांच के मुताबिक, जॉर्डन के किंग और चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री सहित एक दर्जन से अधिक देशों और सरकार के प्रमुखों ने टैक्स हैवंस में लाखों छिपाए हैं. "पेंडोरा पेपर्स" की जांच में द वाशिंगटन पोस्ट, बीबीसी और द गार्जियन सहित मीडिया से जुड़े करीब 600 पत्रकार शामिल हैं. साथ ही यह वैश्विक स्तर पर 14 वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनियों के करीब 1.19 करोड़ लीक दस्तावेजों पर आधारित है.
करीब 35 वर्तमान और पूर्व नेताओं का ICIJ द्वारा विश्लेषित दस्तावेजों में नाम आया है, जिसके बाद उन्हें भ्रष्टाचार से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग और वैश्विक कर से बचने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
दस्तावेज बताते हैं कि कैसे किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने मालिबू, कैलिफोर्निया से वाशिंगटन और लंदन तक 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति को एकत्रित करने के लिए अपतटीय कंपनियों और टैक्स हेवन का नेटवर्क बनाया. बीबीसी ने किंग अब्दुल्ला के वकीलों का हवाला देते हुए कहा कि सभी संपत्तियां व्यक्तिगत धन से खरीदी गई थीं और यह हाई प्रोफाइल व्यक्तियों के लिए गोपनीयता और सुरक्षा कारणों से अपतटीय कंपनियों के माध्यम से संपत्ति खरीदना आम बात थी.
कुल मिलाकर, ICIJ को ऐसी करीब 1,000 कंपनियों और देश के नेताओं, कैबिनेट मंत्रियों, राजदूतों और अन्य सहित 336 उच्च-स्तरीय राजनेताओं और सार्वजनिक अधिकारियों के बीच संबंध मिले हैं. दो-तिहाई से अधिक कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में स्थापित की गईं.
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के परिवार और सहयोगियों पर ब्रिटेन में करोड़ों की संपत्ति के सौदे में गुप्त रूप से शामिल होने का आरोप है. साथ ही केन्याई राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा और परिवार के छह सदस्यों पर गुप्त रूप से इन कंपनियों के नेटवर्क के मालिक होने का आरोप है.
साथ ही कहा गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के आंतरिक घेरे के सदस्य, जिनमें कैबिनेट मंत्री और उनके परिवार शामिल हैं, लाखों डॉलर रखने वाली कंपनियों और ट्रस्टों के गुप्त रूप से मालिक हैं.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सीधे तौर पर फाइलों में नाम नहीं है, लेकिन वह सहयोगियों के माध्यम से मोनाको में गुप्त संपत्ति से जुड़े हुए हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं