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'जिन्ना' को चांद पर भेजेगा पाकिस्तान, चीन के रॉकेट पर सवार पड़ोसी मुल्क, भारत 3 साल पहले बना चुका इतिहास

पाकिस्तान साल 2029 में चीन के के ‘चांग-ई-8’ मिशन के साथ जिन्ना-1 नाम के अपने रोवर को चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है. उसका दावा है कि वह रोवर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारेगा.

'जिन्ना' को चांद पर भेजेगा पाकिस्तान, चीन के रॉकेट पर सवार पड़ोसी मुल्क, भारत 3 साल पहले बना चुका इतिहास
पाकिस्तान अपना पहला लूनर रोवर ‘जिन्ना-1’ चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा

पाकिस्तान चांद पर 'जिन्ना' को भेजने की तैयारी में है. दरअसल चांद पर पहुंचने की दौड़ में पाकिस्तान अब जाकर पहला कदम आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है. भारत के चंद्रयान मिशन शुरू करने और चांद पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के दो दशक से ज्यादा समय बाद पाकिस्तान अपना पहला लूनर रोवर ‘जिन्ना-1' चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है. खास बात है कि पाकिस्तान का खुद का रॉकेट चांद पर नहीं जाएगा. पाकिस्तान इस रोवर को 2029 में चीन के रॉकेट की मदद से भेजेगा.

काम की बात- अगर आसान शब्दों में बताएं तो रोवर एक ऐसा घूमने वाला वाहन या रोबोट है, जिसे चंद्रमा, मंगल या किसी अन्य ग्रह की सतह पर वैज्ञानिक अध्ययन, खोज और डेटा जमा करने के लिए भेजा जाता है.

पाकिस्तान का मिशन 'जिन्ना 1'

‘जिन्ना-1' नाम के इस रोवर को चीन के ‘चांग-ई-8' मिशन के साथ चांद पर भेजने की तैयारी है. प्लान यह है कि इसे चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतारा जाएगा जहां यह वैज्ञानिक रिसर्च करने का काम करेगा. चांद का यह इलाका काफी मुश्किल माना जाता है. यहां का जमीन का ढांचा चुनौतीपूर्ण है और यहां पानी की बर्फ मिलने की संभावना भी है. भारत ने यहां भी इतिहास रच रखा है. 23 अगस्त 2023 को इसरो का चंद्रयान-3 मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरा था. इसके साथ ही भारत चंद्रमा के इस हिस्से पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था.

दावा है कि ‘जिन्ना-1' चांद की सतह की बनावट और भूगोल का अध्ययन करेगा. इसके साथ ही यह भविष्य में चांद पर होने वाले रिसर्च से जुड़े कई महत्वपूर्ण एक्सपेरिमेंट भी करेगा. इससे पहले सुपार्को ने 2024 में चीन के चांग-ई-8 मिशन के साथ सहयोग की घोषणा की थी. गल्फ न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस समझौते को अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया था.

पाकिस्तान ने कैसे चुना नाम?

इस्लामाबाद में हुए एक कार्यक्रम में पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी सुपार्को ने बताया कि ‘जिन्ना-1' नाम देशभर में हुए एक कंपटीशन के जरिए चुना गया है. इस कंपटीशन में करीब 4,000 नाम भेजे गए थे. सुपार्को के मुताबिक इनमें से 7 लोगों ने ‘जिन्ना-1' नाम सुझाया था. इसके बाद विजेता का चुनाव लकी ड्रॉ के जरिए किया गया. सुपार्को ने बताया कि बहावलनगर के 17 साल के तैयब करीम को इस नाम का सुझाव देने के लिए विजेता चुना गया.

सुपार्को के चेयरमैन के मुताबिक, ‘जिन्ना-1' नाम पाकिस्तान के संस्थापक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना को सम्मान देने के लिए रखा गया है. यह नाम पाकिस्तान के इरादे, तरक्की और अंतरिक्ष में आगे बढ़ने की नई कोशिशों को भी दिखाता है.

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