
इमरान खान (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
पाकिस्तान में चुनावी कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक चुनाव होने के 3 दिन के भीतर सारे नतीजों के नोटिफिकेशन आ जाने चाहिए, लेकिन इसमें देर हो रही है. अब संभावना है कि सारे रिजल्ट रविवार को ही आधिकारिक तौर पर सामने आ पाएंगे. इस देरी की दो मुख्य वजहें बताईं जा रही हैं. एक तो यह कि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने रिजल्ट ट्रांसमिशन सिस्टम जो बनाया था वह मतगणना की पहली रात ही खराब हो गई. इसके बाद देश भर से चुनावी नतीजे इलेक्शन कमिशन को मैनुअली भेजे जाने लगे. पहले भेजे गए नतीजे भी रिकार्ड से उड़ गए.
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पाकिस्तान चुनाव आयोग के मुताबिक़ इससे रिजल्ट की प्रक्रिया में देरी होना स्वाभाविक है क्योंकि हर बूथ से आने वाले नतीजे को इलेक्शन कमिशन तक पहुंचने में वक्त लगा और फिर रिजल्ट्स को कंसोलिडेट करने में देरी हुई. पीएमएल-एन, पीपीपी, जैसी तमाम मुख्य विपक्षी पार्टियों ने चुनाव में गंभीर धांधली के सवाल उठाए हैं. ऐसे में कई सीटों पर फिर से मतगणना की मांग हुई. कई सारी सीटों पर रिकाउंटिंग का काम तो शनिवार को हो रहा है. जाहिर है इन सब ने मिलकर चुनाव की आधिकारिक नतीजों को देर कर दिया है.
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पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री को 12 अगस्त तक शपथ लेनी है. इमरान खान को क्योंकी अपने बूते 137 का जादुई आंकड़ा नहीं मिला है, इसलिए वह दूसरी पार्टियों के समर्थन पर निर्भर होंगे. हालांकि यह कोई मुश्किल बात नहीं होगी उनके लिए क्योंकि बहुत सारी छोटी पार्टियां और स्वतंत्र रूप से जीते मेंबर ऑफ नेशनल असेंबली उनका साथ देने को तैयार हैं. मुख्य विपक्षी पार्टियां इस इलेक्शन में धांधली को बड़ा मुद्दा बना रही हैं. खास तौर पर जिस तरह से अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की तरफ से भी पाकिस्तानी चुनाव में हुए धांधलियों पर सवाल उठाए गए हैं, ऐसे में इन पार्टियों को और ताकत मिली है.
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हालांकि जो स्थिति बन कर सामने आई है उसमें बहुत ज्यादा रद्दोबदल की गुंजाइश नजर नहीं आती यानी पिछले 20 साल से शेरवानी सिलवाए बैठे इमरान खान अगले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले लेंगे इसे लेकर कोई शंका नहीं है.
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