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पाकिस्तान ने किया 'खुली जंग' का ऐलान! तालिबान ने गिराया मुनीर का फाइटर जेट- रात भर क्या हुआ?

Pakistan- Afghanistan War: तालिबान के हमले के बाद पाकिस्तान ने शुक्रवार की भोर काबुल और कंधार पर बमबारी की. 2 घंटे से अधिक चले इस हवाई हमले को उसने ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' नाम दिया है.

पाकिस्तान ने किया 'खुली जंग' का ऐलान! तालिबान ने गिराया मुनीर का फाइटर जेट- रात भर क्या हुआ?
Pakistan- Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फिर छिड़ी जंग
  • पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान किया. तालिबान हमले के बाद ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' चलाया.
  • पाकिस्तान काबुल, कंधार और पक्तिया में तालिबान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए
  • दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर हुई हिंसा में दर्जनों सैनिक मारे गए हैं
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर जंग शुरू हो गई है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है तो तालिबान ने पाकिस्तान के फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है. दोनों एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. ताजा खबर है कि पाकिस्तान ने शुक्रवार की भोर अफगानिस्तान के शहर काबुल और कंधार पर बमबारी की. 2 घंटे से अधिक चले इस हवाई हमले को उसने ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' नाम दिया है. यह हमला उस समय हुआ जब कुछ घंटों पहले अफगानिस्तान को कंट्रोल करने वाले तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सीमा सैनिकों पर हमला किया था. तालिबान सरकार ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान की ओर से पहले हुए घातक हवाई हमलों के जवाब में किया गया था.

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं ने कहा कि सीमा पर हुई हिंसा में दर्जनों सैनिक मारे गए हैं. यह झड़पें हाल के महीनों में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए कई हमलों और सीमा पर हुई लड़ाइयों के बाद हुईं.

पाकिस्तान ने चलाया ऑपरेशन 'गजब लिल-हक', तालिबान बोला- कोई नहीं मरा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को काबुल, पक्तिया प्रांत और कंधार में निशाना बनाया गया. अफगान राजधानी काबुल में एएफपी की टीम ने दो घंटे से ज्यादा समय तक लड़ाकू विमानों की आवाज, कई तेज धमाके और फिर गोलीबारी सुनी.

अफगानिस्तान के दक्षिणी शहर कंधार में मौजूद एएफपी पत्रकार ने भी ऊपर से गुजरते जेट विमानों की आवाज सुनी. कंधार में ही तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा रहते हैं. तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तानी हवाई हमलों की पुष्टि की. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान के हमले में किसी की मौत नहीं हुई है.

पाकिस्तान के सरकारी ब्रॉडकास्टर पीटीवी न्यूज ने बताया है कि पाकिस्तान के हवाई हमले में काबुल, कंधार और पक्तिया में अफगान तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है. दावा किया गया है कि इन हमलों में, काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट हो गए, जबकि कंधार में एक कॉर्प मुख्यालय और एक ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट हो गया. पीटीवी न्यूज के मुताबिक, कंधार में एक गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक्स बेस को भी नष्ट कर दिया गया है, और पख्तिया में एक कॉर्प मुख्यालय को भी नष्ट कर दिया गया है. 

इससे कुछ घंटे पहले मुजाहिद ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार सीमा उल्लंघन के जवाब में अफगानिस्तान की ओर से “बड़े स्तर पर सैन्य अभियान” चलाया गया. टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के सैन्य शासन के 55 सैनिक मारे गए. 

अफगान बलों ने कुछ शव और सैकड़ों हल्के और भारी हथियार भी जब्त कर लिए और कई सैनिकों को जीवित पकड़ लिया. इसमें कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान, पाकिस्तान के दो मुख्यालयों और 19 चौकियों पर अफगान बलों ने कब्जा कर लिया. बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन में आठ अफगान सैनिक शहीद हो गए और 11 अन्य घायल हो गए हैं. तालिबान का दावा है कि उसने पाकिस्तान के फाइटर जेट को मार गिराया है.

तालिबान ने अफगानिस्तान के फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है

तालिबान ने अफगानिस्तान के फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है

तालिबान ने अपने हमले की वजह भी बताई है. एक अफगान अधिकारी ने बताया कि तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास, पाकिस्तान से लौट रहे लोगों के एक कैंप में कई आम नागरिक घायल हुए. नंगरहार प्रांत के सूचना प्रमुख कुरैशी बदलून ने कहा, “एक मोर्टार गोला कैंप में गिरा, जिससे हमारे सात शरणार्थी घायल हो गए. एक महिला की हालत गंभीर है.”

बता दें कि बीते साल अक्टूबर में हुई दोनों मुल्कों के बीच की लड़ाई के बाद से सीमा ज्यादातर बंद है, हालांकि अफगान नागरिकों को वापस आने की अनुमति दी गई है.

महीनों से बॉर्डर पर क्यों चल रही हिंसा?

तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने AFP से कहा कि कई पाकिस्तानी सैनिकों को “जिंदा पकड़ा गया” है, लेकिन इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस दावे से इनकार किया. यह सैन्य कार्रवाई उस समय हुई जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों पर हवाई हमले किए थे. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि इन हमलों में कम से कम 13 आम नागरिक मारे गए थे.

तालिबान सरकार ने कहा कि कम से कम 18 लोग मारे गए. उसने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि 80 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. मंगलवार को भी दोनों पक्षों ने सीमा पार गोलीबारी की खबर दी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दोनों पड़ोसी देशों के रिश्ते बहुत खराब हो गए हैं. अक्टूबर में हुई लड़ाई में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे. उसके बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा रास्ते बंद हैं. इसके बाद कतर और तुर्की की मध्यस्थता से एक शुरुआती युद्धविराम हुआ था और कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका.

इस महीने सऊदी अरब ने दखल दिया और अक्टूबर में अफगानिस्तान द्वारा पकड़े गए तीन पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई में मध्यस्थता की. इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगानिस्तान अपने यहां मौजूद उन उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है.

हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए थे. ये हमले कई घातक आत्मघाती धमाकों के बाद किए गए. इनमें इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हमला भी शामिल था, जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. उसी उग्रवादी संगठन की क्षेत्रीय शाखा इस्लामिक स्टेट- खुरासान प्रांत ने पिछले महीने काबुल के एक रेस्तरां में हुए घातक आत्मघाती हमले की भी जिम्मेदारी ली थी.

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