विज्ञापन
This Article is From Dec 15, 2025

तालिबान से घबराया मुनीर, उलेमाओं को बनाया मोहरा, मौलाना हाथ जोड़कर अफगान सरकार से लगा रहे गुहार

पाकिस्तान उलेमा काउंसिल ने तालिबान सरकार से आग्रह किया है वह विदेश में उग्रवाद फैलाने के खिलाफ 1,000 से अधिक अफगान मौलवियों द्वारा हाल ही में पारित प्रस्ताव को लागू करे.

तालिबान से घबराया मुनीर, उलेमाओं को बनाया मोहरा, मौलाना हाथ जोड़कर अफगान सरकार से लगा रहे गुहार
पाकिस्तान उलेमा काउंसिल ने तालिबान सरकार से आग्रह किया है (फाइल फोटो)
  • पाकिस्तान उलेमा काउंसिल ने तालिबान से विदेशी उग्रवाद रोकने के लिए मौलवियों के प्रस्ताव को लागू करने की अपील की
  • पाकिस्तान उलेमा काउंसिल ने पाकिस्तान की सेना के खिलाफ किसी भी विरोध का विरोध किया है
  • अशरफी ने पाक सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमत शरीफ चौधरी पर हो रहे जुबानी हमलों की कड़ी निंदा की है

पाकिस्तान में अलग-अलग सुन्नी विचारधाराओं वाले मौलवियों के समूह ने तालिबान से एक बड़ी अपील की है. पाकिस्तान उलेमा काउंसिल (PUC) ने अफगानिस्ता को कंट्रोल करने वाली तालिबान सरकार से आग्रह किया है वह विदेश में उग्रवाद फैलाने के खिलाफ 1,000 से अधिक अफगान मौलवियों द्वारा हाल ही में पारित प्रस्ताव को लागू करे. यह रिपोर्ट पाकिस्तान के डॉन अखबार ने छापी है.

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष हाफिज ताहिर महमूद अशरफी ने रविवार, 14 दिसंबर को कहा, "अब यह अफगान अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि वो अपने मौलवियों द्वारा हाल में जारी प्रस्ताव को जमीन पर लागू करे." उन्होंने प्रस्ताव को "सही दिशा में सकारात्मक कदम" बताया और कहा कि अफगान के मौलवियों और पाकिस्तान के मौलवियों के रुख में कोई अंतर नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "वे (अफगान मौलवी) कहते हैं कि अफगान धरती के खिलाफ आक्रामकता अस्वीकार्य है, और हम कहते हैं कि पाकिस्तान में आतंकवाद अस्वीकार्य है. वे कहते हैं कि अफगान धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं किया जाना चाहिए, और हमारी भी यही राय है. अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर कोई हमला नहीं होना चाहिए और पाकिस्तान से भी अफगानिस्तान पर कोई हमला नहीं होना चाहिए."

पाकिस्तान सेना के खिलाफ कोई नहीं बोले- उलेमा काउंसिल

पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष अशरफी ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान सेना के खिलाफ आवाज उठाने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान के धार्मिक मदरसे और मस्जिदें देश, इसकी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए तैयार रहेंगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मातृभूमि की रक्षा करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है.

अशरफी ने पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दलों से देश की रक्षा, अर्थव्यवस्था और आंतरिक स्थिरता को मजबूत करने के लिए एक साथ बैठने और बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया. उन्होंने इमरान खान को पागल बताने वाले पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमत शरीफ चौधरी पर किए गए जुबानी हमलों और आलोचना की भी कड़ी निंदा की.

यह भी पढ़ें: कुरान-अरबी की पढ़ाई, पाकिस्तान से कनेक्शन... ऑस्ट्रेलिया पर आतंकी हमला करने वाले बाप-बेटे पर 10 बड़े खुलासे

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Pakistan, Pakistan Taliban Clash, Pakistan Army
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com