पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एकबार फिर जंग शुरू हो गई है. पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के बड़े शहरों में तालिबान सरकार के ठिकानों पर बमबारी की. इस्लामाबाद में बैठी पाकिस्तानी सरकार ने इस संघर्ष को “खुली जंग” बताया है. पाकिस्तान के सरकारी टीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि हमलों में हवाई और जमीनी कार्रवाई शामिल थी. सीमा के कई इलाकों में तालिबान की चौकियों, मुख्यालयों और गोला-बारूद भंडारों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान टीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तानी सेना की कड़ी कार्रवाई के बाद अफगान तालिबान ने अपनी चौकियों पर “सफेद झंडे” लहरा दिए. यानी सरेंडर कर दिया.
तालिबान ने बनाया आत्मघाती दस्ता
पाकिस्तानी हमलों के बाद अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत की सरकारी मीडिया संस्था बख्तर समाचार एजेंसी ने एक तस्वीर जारी की. इसमें कहा गया कि यह आत्मघाती हमलावरों की एक बटालियन है. रिपोर्ट के अनुसार एक अफगान सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया गया कि ये हमलावर विस्फोटक जैकेट और कार बम से लैस हैं और बड़े ठिकानों पर हमला करने के लिए तैयार हैं. एजेंसी ने कहा कि तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने घोषणा की है कि डूरंड लाइन (पाकिस्तान सीमा) के अलग-अलग हिस्सों- पक्तिया, पक्तिका और खोस्त प्रांत- में जवाबी और बड़े स्तर पर हमले जारी हैं.
खूनी होते जा रहा जंग
दोनों पक्षों ने झड़पों में भारी नुकसान होने की बात कही है, लेकिन उनके आंकड़े अलग-अलग हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. पाकिस्तान का कहना है कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए. 27 चौकियां नष्ट की गईं और 9 पर कब्जा किया गया. वहीं तालिबान का दावा है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 19 चौकियां कब्जे में ली गईं. तालिबान ने कहा कि उसके 8 लड़ाके मारे गए, 11 घायल हुए और नंगरहार में 13 आम नागरिक घायल हुए.
पाकिस्तान के PTV News के अनुसार, पाकिस्तान वायुसेना (PAF) के जेट विमानों ने अफगानिस्तान के कंधार के ऊपर गश्त की और तालिबान ठिकानों पर हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा गया कि “पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी आक्रमण का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनके पास मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है.”
इस्लामाबाद ने हाल की झड़पों के बाद तालिबान सरकार के खिलाफ “खुली जंग” की घोषणा की. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने शुक्रवार को कहा, “हमारे सब्र का बांध टूट चुका है. अब हमारे और आपके (अफगानिस्तान) बीच खुली जंग है.”
बता दें कि लगभग 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर ये हमले लंबे संघर्ष का खतरा बढ़ा रहे हैं. यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है, जिसमें इस्लामाबाद काबुल पर आरोप लगाता है कि वह ऐसे उग्रवादियों को पनाह देता है जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं. तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा उसकी आंतरिक समस्या है.
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