इस्लामाबाद:
पिछले महीने नाटो के हवाई हमले के बाद अपनी विदेश नीति को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पाकिस्तान द्वारा जबर्दस्त विचारमंथन करने के बाद विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि उनका देश भविष्य में सभी हमलों का जवाब देगा लेकिन यह भी साफ कर दिया कि इस्लामाबाद अमेरिका के साथ अपने संबंधों को ऐसे मोड़ पर नहीं ले जा रहा है जहां से वापसी नहीं की जा सके। खार ने यह टिप्पणी राजदूतों के दो दिवसीय सत्र की अध्यक्षता करने के दौरान की। यह बैठक 26 नवंबर के नाटो हमले के बाद सोमवार को विदेश कार्यालय में विदेश नीति को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए अनुशंसाएं तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। वरिष्ठ असैनिक और सैन्य अधिकारियों ने देश के नयी दिल्ली और बीजिंग समेत 15 देशों की राजधानी में पदस्थ राजदूतों से संवाद किया। इसमें नाटो के हवाई हमले के मद्देनजर अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर चर्चा की गई। न्यूज डेली ने बताया कि आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा ने बैठक में कहा कि नाटो हमला जानबूझकर और भड़काने वाला था। बैठक में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल खालिद शमीम विन्ने ने भी हिस्सा लिया।
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
पाकिस्तान, जवाब, अमेरिका, हमला, Pak, Respond, Attack