पालघर अस्पताल में एक कर्मचारी के साथ मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत के निर्देश के बाद पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतीश देशमुख को खुद कोर्ट में पेश होकर मामले की जानकारी देनी पड़ी. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का पूरा ब्यौरा देने का आदेश दिया था.
10 में से 9 आरोपी अब भी फरार
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि मामला दर्ज होने के बावजूद 10 में से 9 आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद इतने आरोपी कैसे फरार हो गए.
-
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
बदलती दुनिया, बदलते रिश्ते और वो मुद्दे जो दुनिया की तकदीर तय करते हैं... देखिए NDTV World Summit -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की स्थिति पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है. न्यायालय की टिप्पणी के बाद पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है.
मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने के संकेत
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि स्थानीय पुलिस आरोपियों को पकड़ने और जांच को आगे बढ़ाने में सफल नहीं हो रही है तो मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपने पर विचार किया जा सकता है. अदालत की इस टिप्पणी को पुलिस के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है.
केस डायरी को लेकर भी नाराजगी
सुनवाई के दौरान केस डायरी को लेकर भी अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई. हाईकोर्ट ने कहा कि जांच से जुड़ी डायरी नियमित रूप से नहीं रखी जा रही है. अदालत ने टिप्पणी की कि केस डायरी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि इसे कानून और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार गंभीरता से तैयार किया जाना चाहिए.
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद अब इस मामले की जांच पर करीबी नजर रखी जा रही है. अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
यह भी पढ़ें- 'मुझे धमकाया, अपशब्द कहे, घर जाने में डर लगता है', पालघर अस्पताल में बवाल के बाद बोली महिला डॉक्टर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं