इस्लामाबाद:
दोहरी नागरिकता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रांतीय विधानसभाओं के तीन विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी है। कुछ दिन पहले ही इसने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेताओं रहमान मलिक और फराहनाज इसपाहानी के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की थी।
प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब विधानसभा के सदस्य आमना बुट्टर और मुहम्मद अखलाक तथा सिंध प्रांत के एक विधायक की सदस्यता रद्द कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, प्रथम दृष्ट्या हम इस बात से संतुष्ट हैं कि वे प्रांतीय विधानसभाओं की सदस्यता के लिए योग्य नहीं हैं, इसलिए उनकी पंजाब और सिंध विधानसभा की सदस्यता रद्द की जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून को रहमान मलिक की सीनेट की सदस्यता रद्द कर दी थी। वह ब्रिटेन की अपनी नागरिकता खारिज होने के सबूत नहीं पेश कर सके थे। उस वक्त मलिक गृहमंत्री थे। अदालत के फैसले के बाद उन्हें गृह मामलों पर प्रधानमंत्री का सलाहकार बना दिया गया कि ताकि गृह मंत्रालय उनके पास ही रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मलिक से कहा था कि वह साबित करें कि 2009 में सीनेट का चुनाव लड़ते वक्त वह ब्रिटेन के नागरिक नहीं थे।
प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब विधानसभा के सदस्य आमना बुट्टर और मुहम्मद अखलाक तथा सिंध प्रांत के एक विधायक की सदस्यता रद्द कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, प्रथम दृष्ट्या हम इस बात से संतुष्ट हैं कि वे प्रांतीय विधानसभाओं की सदस्यता के लिए योग्य नहीं हैं, इसलिए उनकी पंजाब और सिंध विधानसभा की सदस्यता रद्द की जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून को रहमान मलिक की सीनेट की सदस्यता रद्द कर दी थी। वह ब्रिटेन की अपनी नागरिकता खारिज होने के सबूत नहीं पेश कर सके थे। उस वक्त मलिक गृहमंत्री थे। अदालत के फैसले के बाद उन्हें गृह मामलों पर प्रधानमंत्री का सलाहकार बना दिया गया कि ताकि गृह मंत्रालय उनके पास ही रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मलिक से कहा था कि वह साबित करें कि 2009 में सीनेट का चुनाव लड़ते वक्त वह ब्रिटेन के नागरिक नहीं थे।
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