अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक नए कड़े कानून पर हस्ताक्षर किया है जिसका निशाना ईरान के केंद्रीय बैंक और वित्तीय क्षेत्र हैं। समझा जाता है कि इस कदम से वाशिंगटन और तेहरान के बीच कड़वाहट और बढ़ेगी। ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम की वजह से सजा देने के लिए ये प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
यह कानून अमेरिका के 662 अरब डालर के रक्षा विधेयक के तहत है। सांसदों ने रक्षा विधेयक में ईरान संबंधी प्रावधानों और आतंकवाद के संदिग्धों को पकड़ने संबंधी प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद ओबामा ने इस पर हस्ताक्षर किए। नए कानून के अनुसार, विदेशी कंपनियों को यह विकल्प चुनना होगा कि क्या वह तेहरान की तेल और वित्तीय कंपनियों के साथ केंद्रीय बैंक के साथ काम करना चाहते हैं या फिर अमेरिकी अर्थव्यवस्था तथा वित्तीय क्षेत्र से जुड़ना चाहते हैं। जो विदेशी बैंक ईरान की तेल और वित्तीय कंपनियों के साथ केंद्रीय बैंक के साथ काम करेंगे, उन्हें भी नए कानून के तहत प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।
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