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ईरान को छोड़ने के मूड में नहीं ट्रंप! वेनेजुएला में जिस जंगी जहाज का इस्तेमाल किया, उसे भी भेज रहे मिडिल ईस्ट

US Iran Military Tension: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में दूसरे विमानवाहक पोत को तैनात करने का आदेश दिया है. यह ऐसा जंगी जहाज है जिसपर फाइटर जेट लैंड करते हैं और उड़ान भरते हैं.

ईरान को छोड़ने के मूड में नहीं ट्रंप! वेनेजुएला में जिस जंगी जहाज का इस्तेमाल किया, उसे भी भेज रहे मिडिल ईस्ट
US Iran Military Tension: ईरान और अमेरिका में सैन्य तनाव जारी
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौता जल्द करने की चेतावनी दी है, अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे
  • मिडिल ईस्ट में पहले से तैनात USS अब्राहम लिंकन के बाद दूसरा जंगी जहाज USS गेराल्ड आर. फोर्ड भेजा जा रहा
  • यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को पहले कैरेबियन सागर में वेनेजुएला पर हमले के लिए तैनात किया गया था
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर अपना सैन्य तनाव कम करने की जगह उसे और बढ़ाते नजर आ रहे हैं. एक तरफ तो दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर डील के लिए बातचीत चल रही है तो दूसरी तरफ ट्रंप पूरा संकेत दे रहे हैं कि कभी भी ईरान पर हमला किया जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जल्द से जल्द परमाणु समझौता करे, वरना उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है. ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो हालात “बहुत दर्दनाक” हो सकते हैं. अब अमेरिकी मीडिया के हवाले से खबर आई है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में दूसरे विमानवाहक पोत को तैनात करने का आदेश दिया है. यह ऐसा जंगी जहाज है जिसपर फाइटर जेट लैंड करते हैं और उड़ान भरते हैं.

पहले से ही मिडिल ईस्ट में तैनात है अमेरिका का जंगी जहाज

जनवरी के आखिर में ट्रंप ने अमेरिका के जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln carrier) और उसके साथ तमाम सहायक युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट में भेज दिया था. ट्रंप ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर घातक कार्रवाई को लेकर ईरान के खिलाफ धमकियां बढ़ा दी थीं. ये सभी जहाज अभी भी क्षेत्र में ही हैं.

कई अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार अब एक और जंगी जहाज, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड (USS Gerald R. Ford) और उसके सहायक युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है. अभी यह स्ट्राइक ग्रुप कैरेबियन सागर में तैनात था और अब इसे मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दे दिया गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल, न्यूयॉर्क टाइम्स और CBS न्यूज सभी ने अनाम अधिकारियों के हवाले से यह खबर छापी है.

वेनेजुएला पर हमले के काम आया था गेराल्ड आर. फोर्ड

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को पिछले साल जून में मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया था. लेकिन जल्द ही वेनेजुएला पर दबाव बनाने के लिए इसे कैरेबियन सागर में भेज दिया गया.  न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब 3 जनवरी को वेनेजुएला में अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन चलाया था और वहां के राष्ट्रपति को पकड़ा था तो उस ऑपरेशन में यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड पर मौजूद कुछ फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया गया था.  अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यूएसएस फोर्ड या यूएसएस लिंकन मिडिल ईस्ट में कितने समय तक रहेंगे और क्या इसकी मदद से अमेरिका ईरान पर हमला करेगा.

यह भी पढ़ें: ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, कहा- अमेरिका से न्यूक्लियर डील नहीं हुई तो हालात 'बहुत दर्दनाक' हो सकते हैं

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