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क्रिप्टोकरेंसी चुराकर परमाणु बम बना रहा नॉर्थ कोरिया! किम जोंग के हैकर्स ने साल का सबसे बड़ा डाका डाला

Cryptocurrency heist: क्रिप्टोकरेंसी की चोरी में नॉर्थ कोरिया के लाजरुस ग्रुप का नाम आ रहा सामने, इसे क्रिप्टोकरेंसी की हैकिंग में दुनिया में किसी और ग्रुप से ज्यादा अनुभवी और खतरनाक माना जाता है.

क्रिप्टोकरेंसी चुराकर परमाणु बम बना रहा नॉर्थ कोरिया! किम जोंग के हैकर्स ने साल का सबसे बड़ा डाका डाला
क्रिप्टोकरेंसी चुराकर परमाणु बम बना रहा नॉर्थ कोरिया!
  • नॉर्थ कोरिया के हैकर्स ने इस साल के सबसे बड़े क्रिप्टो चोरी में लगभग 300 मिलियन डॉलर की चोरी की है
  • चोरी का निशाना ऑनलाइन निवेश टूल केल्पडीएओ का वॉल्ट और लेयरजीरो के दो ब्लॉकचेन सर्वर थे
  • संयुक्त राष्ट्र के पैनल के अनुसार नॉर्थ कोरिया ने 2017 से अब तक तीन अरब डॉलर से अधिक क्रिप्टोकरेंसी चुराई है
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नॉर्थ कोरिया ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम में पैसा लगाने के लिए एक खतरनाक तरकीब निकाली रखी. नॉर्थ कोरिया के हैकर्स दुनिया भर से क्रिप्टोकरेंसी की चोरी करते हैं वही पैसा नॉर्थ कोरिया में परमाणु बम बनाने में लगाया जा रहा है. यह बात तो खुद युक्त राष्ट्र के एक पैनल ने बता रखी है. अब इसी कड़ी में एक और बड़ी खबर सामने आई है. नॉर्थ कोरिया के एक खतरनाक हैकर ग्रुप ने बीते विकेंड पर करीब 300 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में लगभग 3 हजार करोड़ रुपए) की क्रिप्टोकरेंसी चुरा ली. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह इस साल की अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी मानी जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार ऐसा चोरी से प्रभावित एक पक्ष ने बताया है.

रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल करेंसी न्यूज साइट कॉइनडेस्क ने कहा कि शनिवार को ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट टूल केल्पडीएओ (KelpDAO) के वॉल्ट पर हुआ हमला 2026 की अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी है. केल्पडीएओ ने मंगलवार को बताया कि हैक के दौरान लेयरजीरो (LayerZero) नाम के एक दूसरे क्रिप्टो टेक ऐप के दो ब्लॉकचेन सर्वर भी हैक हो गए थे. इससे एथेरियम से जुड़ा एक क्रिप्टो टोकन केल्पडीएओ से निकाल लिया गया.

लेयरजीरो ने बयान में कहा, “18 अप्रैल 2026 को केल्पडीएओ से लगभग 290 मिलियन डॉलर की चोरी हुई.” लेयरजीरो ने यह भी कहा, “शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह किसी बहुत एडवांस सरकारी हैकर ग्रुप का काम है, संभवतः नॉर्थ कोरिया का लाजरुस ग्रुप.” उसने अपने यूजर्स को भरोसा दिलाया कि “इसका असर किसी और क्रॉस-चेन एसेट या ऐप पर नहीं पड़ा है.”

बहुत खतरनाक हैं नॉर्थ कोरिया के हैकर्स

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में लेन-देन बिना किसी बीच के व्यक्ति (जैसे सरकार या बैंक) के होता है, जिसे डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) कहा जाता है. नाइन ब्लॉक्स कैपिटल मैनेजमेंट के को-फाउंडर हेनरी आर्स्लानियन ने कहा, “इससे नए लोगों के लिए DeFi दुनिया में आना और डरावना हो जाएगा.” उन्होंने यह भी कहा, “यह साफ तौर पर नॉर्थ कोरिया के लाजरुस ग्रुप का काम है. दुनिया में किसी और ग्रुप के पास इतना अनुभव और ताकत नहीं है कि वह ऐसा हैक कर सके.”

संयुक्त राष्ट्र के एक पैनल ने 2024 में अनुमान लगाया था कि 2017 से अब तक नॉर्थ कोरिया 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी चोरी कर चुका है. पिछले साल, अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर 1.5 बिलियन डॉलर के डिजिटल एसेट चोरी करने का आरोप लगाया था, जो उस समय इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी थी.

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