नाइजीरिया के नाइजर राज्य में हिरासत में 37 संदिग्ध अवैध खनिकों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. गुरुवार तड़के हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी लोग नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कॉर्प्स (NSCDC) की हिरासत में थे. अधिकारियों ने मौतों की वजह बीमारी होने की आशंका जताई है, जबकि खुफिया रिपोर्ट में हिरासत केंद्र में अत्यधिक भीड़ और पर्याप्त हवा की व्यवस्था न होने को संभावित कारण बताया गया है.
हिरासत में हुई 37 लोगों की मौत
न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक नाइजीरिया के नाइजर राज्य के गवर्नर मोहम्मद उमरू बागो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली कि मिन्ना स्थित सिविल डिफेंस की हिरासत में रखे गए करीब 37 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और त्रासदीपूर्ण बताते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है, जिसने अपना काम भी शुरू कर दिया है. घटना के बाद राज्य में तीन दिन के शोक की घोषणा की गई है. साथ ही जनवरी में होने वाले चुनावों के लिए शुरू होने वाला प्रचार अभियान भी स्थगित कर दिया गया है.
अवैध खनन के संदेह में हिरासत में थे लोग
जानकारी के अनुसार, मृतक उन लोगों में शामिल थे जिन्हें अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह में नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कॉर्प्स ने मंगलवार और बुधवार को हिरासत में लिया था. नाइजर राज्य खनिज संपदा से समृद्ध माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में छोटे स्तर के खनिक सोने और अन्य खनिजों की तलाश में काम करते हैं. इसी कारण इस क्षेत्र में अवैध खनन की घटनाएं भी लगातार सामने आती रहती हैं.
बीमारी या अव्यवस्था, कारणों पर अलग-अलग दावे
सिविल डिफेंस विभाग ने कहा कि हिरासत में रखे गए लोगों के बीच कथित रूप से बीमारी फैलने के कारण मौतें हुईं. नाइजर राज्य पुलिस के प्रवक्ता वासिउ अबियोदुन ने एक बयान में कहा कि घटना का पता चलने के बाद राज्य के पुलिस प्रमुख ने एनएससीडीसी (नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कॉर्प्स) की हिरासत में संदिग्ध अवैध खनिकों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की तत्काल जांच शुरू करने का आदेश दिया है.
ऐसे में दम घुटने या खराब परिस्थितियों के कारण हालात बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने भी मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
घटना के बाद भड़का विरोध
रिपोर्टों के अनुसार, मौतों की खबर सामने आने के बाद मिन्ना में खनिकों और उनके समर्थकों के समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया. कुछ स्थानों पर वाहनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की भी सूचना है. प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है.
वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दर्जनों युवकों के शव खुले मैदान में पड़े दिखाई देते हैं. वीडियो में वॉलेंटियर ग्लव्स पहनकर शवों के पास खड़े नजर आते हैं, जबकि कई परिजन अपने रिश्तेदारों की पहचान करने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. इस वीडियो ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश को बढ़ा दिया है.
खनन क्षेत्र में बढ़ रही चुनौतियां
स्विसएड (SwissAid) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, अवैध रूप से निकाला गया अधिकांश सोना संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचाया जाता है. वहां से इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल कर यूरोप, अमेरिका, एशिया और दक्षिण अफ्रीका के बाजारों तक पहुंचाया जाता है.
ऐसा बताया जाता है कि नाइजर राज्य में अवैध खदानों से निकाले जा रहे सोने पर नियंत्रण की होड़ अपराधी गिरोहों के बीच हिंसा को भी बढ़ावा दे रही है. अवैध खनन से जुड़े क्षेत्रों में आपराधिक गिरोह भी सक्रिय हैं. स्थानीय स्तर पर इन गिरोहों को "बैंडिट" कहा जाता है. ये समूह खनिकों से वसूली करते हैं और खदानों तक पहुंच के बदले हिस्सेदारी मांगते हैं.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस, राज्य सरकार और अन्य एजेंसियां मौतों के कारणों की जांच कर रही हैं. प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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