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बहन रक्षाबंधन पर घर आने वाली थी... कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद नेपाल बाढ़ में लापता, भाई ने लगाई गुहार

रक्षाबंधन पर परिवार से मिलने का वादा करने वाली किन्नरी पटेल अब नेपाल बाढ़ के बाद लापता लोगों की सूची में शामिल हैं. न्यूजीलैंड में रहने वाले किन्नरी और उनके पति मिहिर पटेल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे, लेकिन नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उनका परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है.

बहन रक्षाबंधन पर घर आने वाली थी... कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद नेपाल बाढ़ में लापता, भाई ने लगाई गुहार
नेपाल बाढ़ में लापता न्यूजीलैंड की एनआरआई दंपत्ति, रक्षाबंधन पर घर आने वाली थी बहन

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए न्यूजीलैंड निवासी भारतीय मूल के दंपत्ति मिहिर पटेल और किन्नरी पटेल के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है. परिजनों के अनुसार किन्नरी ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था, लेकिन उससे पहले वह अपने पति के साथ कैलाश यात्रा पर निकली थीं. काठमांडू से आगे बढ़ने के बाद दोनों का संपर्क टूट गया. इस बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि नेपाल में 288 भारतीयों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा के कई श्रद्धालु शामिल हैं. नेपाली सेना और स्थानीय एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान चला रही हैं.

'हमारी आखिरी बातचीत काठमांडू के होटल वाले से हुई'

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू पहुंचने के बाद नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बीच एक एनआरआई दंपत्ति मिहिर पटेल और किन्नरी पटेल से उनके परिवार का संपर्क टूट गया है. उनके परिवार को उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद है. किन्नरी पटेल के भाई और वकील चिराग पटेल ने कहा, 'जो कुछ हुआ वो कुदरती है. दोनों डायरेक्ट न्यूजीलैंड से काठमांडू गए थे. वो दो साल से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं. मुंबई के किसी एजेंट से संपर्क कर उन्होंने डायरेक्ट बुकिंग करवाई थी. हमारी आखिरी बातचीत काठमांडू के होटल वाले से हुई. उन्होंने बताया कि वो तीन दिन यहां ठहरे थे और चेकआउट किया था. फिलहाल उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.'

Nepal Flash Floods: लापता बहन का इंतजार

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'मेरी बहन से जब आखिरी बात हुई थी, तो उसने कहा था कि मैं रक्षाबंधन के लिए आ रही हूं, लेकिन उससे पहले कैलाश जाऊंगी.'

उन्होंने आगे कहा, 'कैलाश के लिए वो लोग 21 को निकले थे. 23 को वो होटल में थे और 26 की सुबह वहां से निकले थे. मैं भी वहां जा सकता हूं, लेकिन कुदरत के कहर के बीच जाने का भी कोई फायदा नहीं. सरकार ने बोला है कि हम जितनी जल्दी हो सके, उन्हें रेस्क्यू करने की कोशिश करेंगे.'

भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है 

वहीं, काठमांडू में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमेशा नेपाल के साथ. राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत से 10 टन मानवीय सहायता सामग्री संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री, खड़का राज पौडेल को सौंपी. यह मदद भयानक बाढ़ के बाद राहत कार्यों में मदद करेगी. भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है.'

नेपाल में आई त्रासदी को लेकर काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा, 'दूतावास ने तीन इमरजेंसी हॉटलाइन के साथ एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 24 घंटे चालू है. नेपाल में लगभग 288 भारतीय हैं, जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जैसा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी बताया.

इनमें कुछ तीर्थयात्री भी शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आए थे. हमने जो जानकारी जुटाई है, वह नेपाली सेना के साथ साझा की है. नेपाली सेना सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. हमारी जानकारी के अनुसार, आज दोपहर उस क्षेत्र में 21 लोग फंसे हुए थे, जो तमिलनाडु से थे. नेपाली सेना ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया है.'

इनपुट : IANS

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