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नेपाल के बीरगंज में बवाल, रक्सौल बॉर्डर सील, मस्जिद पर हमले के बाद सुलगी दंगों की आग, जानिए हुआ क्या

नेपाल के सीमावर्ती शहर बीरगंज में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कर्फ्यू लागू कर दिया है. बीरगंज प्रशासन के आदेशानुसार यह कर्फ्यू शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा. हालांकि, यदि स्थिति सामान्य नहीं होती है तो कर्फ्यू की अवधि बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

नेपाल के बीरगंज में बवाल, रक्सौल बॉर्डर सील, मस्जिद पर हमले के बाद सुलगी दंगों की आग, जानिए हुआ क्या
  • नेपाल के बीरगंज में धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ और कुरान जलाने की घटना के बाद तनावपूर्ण स्थिति पैदा हुई.
  • विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.
  • रक्सौल बॉर्डर को सील कर दिया गया है और भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
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नेपाल के पर्सा और धनुषा धाम जिलों में धार्मिक विवाद के बाद हालात बिगड़ गए हैं. परसा जिले के बीरगंज शहर में धनुषा की मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाने की घटना की खबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो देखते ही देखते हिंसक हो गए. सोशल मीडिया पर धार्मिक सामग्री वाला वीडियो वायरल होने से तनाव और बढ़ गया.

भारत-नेपाल सीमा सील

स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने बीरगंज में कर्फ्यू लागू कर दिया है. भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है और मैत्री पुल समेत सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर आवाजाही रोक दी गई है. केवल आपातकालीन सेवाओं को अनुमति दी गई है. सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और हर आने-जाने वाले की सख्त जांच की जा रही है.

तनावपूर्ण हैं हालात

पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. कई पुलिसकर्मी घायल होने की खबर है. इसके साथ ही सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बॉर्डर पर डॉग स्क्वायड की टीम भी तैनात की गई है.

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एसएसबी अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार केवल मैत्री पुल ही नहीं, बल्कि सहदेवा, महदेवा, पनटोका, सिवान टोला और मुशहरवा जैसे अन्य सीमा क्षेत्रों पर भी गश्त बढ़ा दी गई है. इन इलाकों में हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाने की घटना से धार्मिक तनाव और विरोध प्रदर्शन भड़क गए.
सीमा पूरी तरह सील, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, कर्फ्यू लगाया गया और सख्त जांच की जा रही है.
कर्फ्यू लागू किया, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, डॉग स्क्वायड तैनात और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया.
बाजार बंद हैं, कई भारतीय कामगार घर लौट रहे हैं और सुरक्षा कारणों से रुकना मुश्किल हो गया है.

कैसे भड़की हिंसा?

हालात धनुषा जिले की कमला नगरपालिका में भी तनावपूर्ण हैं. यहां भी मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान जलाने की सूचना से लोग भड़क उठे. इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया, जो हिंसक हो गया. हिंदू संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई.

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं और जांच जारी है.

छतों से पत्थर फेंकते प्रदर्शनकारी

छतों से पत्थर फेंकते प्रदर्शनकारी

घरों की ओर लौट रहे लोग

बीरगंज और आसपास के हालात बिगड़ने के कारण नेपाल में काम करने वाले कई भारतीय कामगार अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. नेपाल से लौट रहे भारतीय नागरिक राकेश ने बताया कि बीरगंज में सभी दुकानें और बाजार पूरी तरह बंद हैं. ऐसे हालात में वहां रुकने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी, तब वह दोबारा अपने काम पर लौटेंगे.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नेपाल के धनुषा जिले के कमला नगरपालिका स्थित सखुवा मनार गांव में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाए जाने की सूचना सामने आई थी. इस घटना के बाद बीरगंज में तनाव फैल गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि उनके देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की गई, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है.

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