नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत की सीमा से बाढ़ आई. गांव के गांव के बह गए. शहर के शहर तबाह हो गए. लोग बह गए. गाड़ियां बह गईं. घर बह गए. रह गई तो सिर्फ तबाही ही तबाही. NDTV ने जब हेलीकॉप्टर से देखा तो नीचे सिर्फ बर्बादी का मंजर नजर आया. ये पहली बार है जब कोई चैनल हेलीकॉप्टर से नेपाल की तबाही की तस्वीरें दिखा रहा है. तस्वीरों में दिख रहा है कि पहाड़ों की तलहटी में पूरा इलाका बर्बाद हो गया है.
NDTV ने जब हेलीकॉप्टर से देखा तो सिर्फ बर्बादी ही नहीं दिखी, बल्कि यह भी दिखा कि कैसे JCB मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रही हैं.
NDTV की टीम जिस जगह की तस्वीर दिखा रही है, वह वही चीन-नेपाल बॉर्डर की तस्वीरें हैं, जहां से तबाही की कहानी शुरू हुई थी. तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई थी और फिर बाढ़ का अपनी शहर के शहर और गांव के गांव को अपनी चपेट में लेता चला गया.
नेपाल में हर तरफ तबाही ही तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ को एक हफ्ता बीत चुका है और हर तरफ सिर्फ तबाही ही तबाही नजर आ रही है.
मलबे के नीचे से लाशें निकलती ही जा रही हैं. मंगलवार को इस बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर एक हजार के पार चली गई. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, मंगलवार तक 1,003 शव बरामद किए जा चुके हैं. सबसे ज्यादा 321 शव दक्षिणी चितवन जिले से मिले हैं.
अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है. लेकिन अब भी 4 हजार लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक हैं.
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